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एयरसेल मैक्सिस मामले में किसी को नहीं छोड़ा जाएगाः अरुण जेटली

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2016, 16:06 IST

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को संसद में कहा कि टू-जी स्पैक्ट्रम से जुड़े एयरसेल मैक्सिस घोटाले में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

एयरसेल-मैक्सिस सौदे में सीबीआई ने अपनी जांच में बताया था कि  पूर्व वित्त मंत्री को 600 करोड़ रुपये तक की स्वीकृति का अधिकार था, लेकिन उन्होंने 80 करोड़ डॉलर करीबन 3500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी.

सीबीआई ने मामले की जांच कर रही स्पेशल कोर्ट में माना था कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे में पी चिदंबरम द्वारा विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को मंजूरी देना गलत था.

सीबीआई ने इस केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है और इसका ट्रायल जल्द ही शुरू हो रहा है.

जेटली ने कहा कि इस मामले में सरकार की मंशा एक दम साफ है कि हम कड़े कदम उठायेंगे और इसमें किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा. चाहे वह कितना भी ताकतवर हो.

जेटली ने कहा कि एयरसेल घोटाले की जांच लगभग-लगभग पूर्ण हो चुकी है. गौरतलब है कि एयरसेल मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के पुत्र कार्ती की कंपनी भी फंसी हुई है.

जेटली ने किसी राजनीतिक बदले की भावना से इनकार करते हुए लोकसभा में कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष के रुख से प्रभावित नहीं है.

वित्त मंत्री ने कहा कि सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है और कार्यवाही कानून के मुताबिक आगे बढ़ रही है. सरकार सारे तथ्यों को कोर्ट में रखने के बाद इन्हें सार्वजनिक भी करेगी. वित्त मंत्री ने बताया कि मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा अन्य जांच एजेंसियों ने अन्य स्थानों के साथ-साथ चेन्नई में भी छापे मारे जा रहे हैं.

जेटली के मुताबिक एयरसेल मैक्सिस डील केस में सीबीआई पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन और छह अन्य लोगों के अलावा चार कंपनियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में ईडी और इनकम टैक्स विभाग ने कई जगहों पर छापेमारी की है. कई दफ्तरों और दस्तावेजों को सीज भी किया गया है.

First published: 3 March 2016, 16:06 IST
 
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