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'सत्ता से मोदी का नियंत्रण कमजोर होकर अमित शाह के हाथ में जा रहा, देश को चुकानी होगी कीमत'

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 March 2018, 9:40 IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद में जुटी हैं. एक तरफ जहां वह कांग्रेस के अलावा तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मिलकर मोर्चे को अमलीजामा पहनाने में लगी हैं. वहीं उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में हाशिए में डाल दिए गए नेताओं शत्रुघ्न सिन्हा, यशवन्त सिन्हा और अरुण शौरी से मुलाकात की.

इस दौरान अरुण शौरी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. अरुण शौरी ने कहा कि सरकार का नियंत्रण पीएम मोदी के हाथ से फिसलकर अमित शाह के हाथ में जा रहा है और अगर ऐसा हुआ तो देश को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी.

 

जब अरुण शौरी से कांग्रेस के एक संघीय मोर्चे का समर्थन करने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस को एहसास होगा कि सभी की भलाई के लिए साथ आना जरुरी है. संघीय मोर्चे की जरुरत पर शौरी ने कहा, "अगर भाजपा सरकार का मोमेंटम नहीं तोड़ा गया तो इसके बाद देश में कांग्रेस समेत कोई अन्य पार्टी नहीं बचेगी.

ममता बनर्जी से मुलाकात के दौरान अरुण शौरी, यशवन्त सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी सरकार के खिलाफ सभी क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट करने के ममता बनर्जी के प्रयास की प्रशंसा भी की.

 

अरुण शौरी ने त्रिपुरा में राहुल गांधी के ममता बनर्जी के साथ मिलकर लड़ने से इंकार करने की आलोचना भी की. शौरी ने बताया कि अगर वन-टू-वन फॉर्मूले को अपना लिया जाता है और संघीय मोर्चा बनता है तो विपक्षी पार्टियों को करीब 69 प्रतिशत वोट मिलेंगे, जो कि मोदी सरकार को मिले 31 प्रतिशत वोटों से कहीं ज्यादा हैं. हालांकि शौरी ने राहुल के बिहार में महागठबंधन में शामिल होने के फैसले की सराहना भी की.

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शत्रुघ्न सिन्हा ने भी ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि हम देश के लिए उनके संघर्ष में, उनके साथ हैं. देश किसी भी पार्टी से बड़ा है. यह सब पार्टी के विरुद्ध नहीं है, बल्कि देश हित में है. हम सब यहां ममता बनर्जी को समर्थन देशहित में देने आए हैं.

First published: 29 March 2018, 9:38 IST
 
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