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अरुणआचल प्रेदश में प्रदर्शन के बीच उग्र हुई हिंसा, दो लोगों की मौत, सेना ने संभाला मोर्चा

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 February 2019, 9:51 IST

अरुणाचल प्रदेश में चल रहे प्रदर्शन ने अब हिंंसा का रूप ले लिया है. हिंसा के बीच राजधानी ईटानगर में सेना को तैनात कर दिया गया है. दरअसल, इनदिनों अरुणाचल प्रदेश में छह समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाणपत्र यानि PRC देने को लेकर प्‌रदर्शन चल रहा था. इसी बीच रविवार राजधानी ईटानगर में हिंसा भड़क उठी. भीड़ इतनी उग्र हो गई कि पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी. जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.

बता दें कि रविवार शाम जब प्रदर्शनकारियों ने सूबे के मुख्यमंत्री पेमा खांडु के ईटानगर स्थित घर पथराव किया तो पुलिस ने फायरिंग कर दी. प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में 24 पुलिसकर्मी समेत 35 लोग घायल हो गए हैं. बता दें कि शनिवार को प्रशासन ने ईटानगर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू भी लागू कर दिया था. हिंसा को रोकने के लिए सेना ने ईटानगर और नहरगांव में फ्लैग मार्च भी किया. केंद्र सरकार ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करने के लिए राज्य में 1,000 अर्धसैनिक बलों को भेजा गया है,

रविवार को प्रदर्शनकारियों ने उपमुख्यमंत्री चौना मेन के घर को भी फूंक दिया गया. लोगों में राज्य सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है. चौना मेन को रविवार सुबह राज्य की राजधानी ईटीनगर से नामसाईं जिले में भेज दिया गया. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने जिला आयुक्त के आवास पर भी आगजनी और तोड़फोड़ की. इसमें पुलिस अधीक्षक स्तर का एक अधिकारी घायल हो गया है. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पार्किंग में खड़े कई वाहनों में भी आग लगा दी.

जानिए क्या है PRC यानि स्थायी निवासी प्रमाणपत्र?

बता दें कि स्थायी निवासी प्रमाणपत्र एक तरह का वैध दस्तावेज है जो भारतीय नागरिकों को दिया जाता है. ये उनके नागरिक होने का एक सबूत होता है. इसे आवासीय प्रमाण के रूप में आधिकारिक उद्देश्य के लिए भी प्रस्तुत किया जाता है. राज्य सरकार ने गैर अरुणाचली अनुसूचित जनजाति के 6 समुदायों को इसे देने का प्रस्ताव रखा था. जिसका भारी विरोध शुरु हो गया है.

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि राज्य सरकार ने छह समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (PRC) देने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों को अस्वीकार कर दिया है. इसके लिए रिजिजू ने कांग्रेस को लोगों के एक खास वर्ग को उकसाने के लिए दोषी ठहराया है.

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First published: 25 February 2019, 9:51 IST
 
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