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डीडीसीए स्कैम: ऐसा क्या है जिसे लेकर अरुण जेटली के पीछे पड़े हैं केजरीवाल?

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2015, 15:17 IST
QUICK PILL
  • आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा है. पार्टी का आरोप है कि जेटली की देखरेख में डीडीसीए में भ्रष्टाचार हुआ है.
  • \r\nइस\r\nमसले पर पार्टी और सरकार दोनों\r\nपूरी तरह जेटली के साथ खड़ी है.\r\nकेंद्रीय\r\nमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा\r\nहै कि उनके इस्तीफे का\r\nसवाल नहीं है.

दिल्ली में भयंकर ठंड है लेकिन यहां का सियासी पारा पिछले तीन दिनों से चढ़ता ही जा रहा है. दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई के छापे से शुरू हुआ सिलसिला घूमते-घामते वित्तमंत्री अरुण जेटली के दरवाजे तक पहुंच गया है. आम आदमी पार्टी लगातार जेटली पर निशाना साध रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहना है कि डीडीसीए में हुए घोटालों में जेटली को बचाने की खातिर सीबीआई ने उनके दफ्तर पर छापा मारा है.

डीडीसीए में व्याप्त भ्रष्टाचार पर आप ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके आरोप लगाया कि दिल्ली सचिवालय में छापे के पीछे वित्तमंत्री अरुण जेटली का हाथ है. पिछले 15 सालों में डीडीसीए में जेटली की सहमति से भ्रष्टाचार हुआ. चयन से लेकर बिलों में फर्जीवाडा़, नियुक्तियों में गड़बड़ी, वित्तीय हेराफेरी जैसे आरोप पार्टी ने लगाए है. पार्टी ने कहा, हमारे वित्तमंत्री की देखरेख में करोड़ों की गड़बड़ी हुई है.

'पीएम मोदी जेटली को बर्खास्त करें'


इस मुद्दे पर आप नेता कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा और आशुतोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जेटली और डीडीसीए के ऊपर कुछ आरोप लगाए हैं:

  • डीडीसीए ने अरुण जेटली की अध्यक्षता में स्टेडियम के लिए 24 करोड़ का बजट बनाया, लेकिन 114 करोड़ खर्च किए गए. 90 करोड़ रुपये कहां गए?
  • कोटला स्टेडियम के पुनर्निर्माण में घोटाला हुआ. कुछ ऐसी कंपनियों को भुगतान किया गया जिन्होंने कभी डीडीसीए के लिए कोई काम ही नहीं किया.
  • जिन पांच कंपनियों के जरिए घोटाला किया गया है उनके डायरेक्टर और पते एक ही है.
  • 16 कंपनियों को एक करोड़ 15 लाख रुपए का पेमेंट किया गया. खास बात यह है कि यह पेमेंट एक ही काम के लिए किया गया.
  • डीडीसीए ने तीन कंपनियों को 1.55 करोड़ का लोन दिया. इस कर्ज का कोई हिसाब नहीं है.
  • डीडीसीए पर अमीरों का कब्जा है और उसके चयनकर्ताओं के चयन पर मनमानी होती रही है.
  • जेटली का डीडीसीए के खजांची नरेंद्र बतरा के साथ क्या रिश्ता है?
  • जेटली ने पैसे देकर अपने ही खिलाफ फर्जी केस करवाए.

आम आदमी पार्टी ने कहा, ''जेटली के समय करोड़ों रुपये के घोटाले हुए और अब मोदी सरकार जेटली को बचा रही है. पीएम मोदी अरुण जेटली को तुरंत मंत्री पद से हटाएं और इस घोटाले की निष्‍पक्ष जांच करवाएं.''


'इस मुद्दे पर जेटली के इस्तीफे का सवाल नहीं'


अपने ऊपर लगे आरोपों को जेटली ने आधारहीन और बकवास बताया है. इस मसले पर पार्टी और सरकार दोनों पूरी तरह उनके साथ खड़ी है. केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि जेटली के इस्तीफे का सवाल नहीं है और वो ईमानदार व्यक्ति है.

आप के अलावा कांग्रेस ने इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग की है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि डीडीसीए के मुद्दे पर कोई इस्तीफा नहीं देने वाला है और न ही इसके लिए जेपीसी का गठन किया जाएगा.

कांग्रेस और आप ने इस मुद्दे पर जेपीसी गठन की मांग की

केजरीवाल सरकार ने इसी साल डीडीसीए में धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप की जांच के लिए एक तीन संसदीय समिति का गठन किया था. इसका नेतृत्व दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग के अधिकारी चेतन सांघी ने किया था. सांघी ने हाल में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसके एक हिस्से में उन्होंने डीडीसीए में हुए घोटालों का खुलासा किया है और दूसरे में दिल्ली सरकार को सुझाव दिए है.

पिछले तीन दिनों से जारी विवाद दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई छापे के बाद से शुरू हुआ. छापे के बाद तिलमिलाए केजरीवाल ने पीएम को कायर और मनोरोगी तक कह डाला. सीबीआई ने लगातार दो दिनों तक राजेेंद्र कुमार से पूछताछ की है. केजरीवाल और सिसोदिया का दावा है कि सीबीआई ने डीडीसीए की फाइलें देखने और जब्त करने के लिए छापेमारी की थी.

विवाद बढ़ता देख सीबीआई ने कहा कि उसने अदालत से सर्च वारंट लेकर कुमार के अलावा छह अन्य लोगों के खिलाफ मंगलवार को 14 जगहों पर छापा मारा. मामला 2007 से 2014 के बीच दिल्ली सरकार के ठेके एक खास कंपनी को देने से जुड़ा है. सीबीआई के अनुसार राजेंद्र कुमार ने अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग किया है. जांच एजेंसी ने दावा किया है कि सीएम केजरीवाल के ऑफिस की तलाशी नहीं ली गई है.

First published: 17 December 2015, 15:17 IST
 
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