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नोटबंदी: ममता-केजरीवाल का तीखा हमला, मोदी अमीरों के रहनुमा

आदित्य मेनन | Updated on: 18 November 2016, 7:48 IST
(प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया)
QUICK PILL
  • दिल्ली की आज़ादपुर मंडी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दहाड़ते हुए कहा है कि अगर तीन दिन में नोटबंदी का फ़ैसला वापस नहीं हुआ तो विरोध राष्ट्रव्यापी हो जाएगा. 
  • इसी रैली में हिस्सा लेते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूछा है कि क्या अच्छे दिन इसी तरह होते हैं जब आम लोगों को अपने घरों में बैठकर रोना पड़े. 

दिल्ली की आज़ादपुर मंडी में अरविंद केजरीवाल ने धमकी दी है कि नरेंद्र मोदी सरकार नोटबंदी के फैसले को 3 दिन में रद्द नहीं करती है, तो उन्हें राष्ट्रव्यापी विरोध का सामना करना पड़ेगा. उनके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस रैली में कहा कि सरकार के इस कदम से भ्रष्टाचार घटने की बजाय बढ़ेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्र सरकार पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके भाषण के मुख्य अंश. 

अमीरों के कर्ज़ माफ़

1- 2000 रुपए के नोट जारी करके सरकार किस तरह काला धन का सफाया करने की उम्मीद करती है. गुजरात और मध्यप्रदेश से खबर है कि अधिकारियों को 2000 रुपए के नोटों में रिश्वत देते पकड़ा गया. 

2- अडानी और अंबानी एटीएम के बाहर कतार में नहीं खड़े हैं. उन्हें घर पर ही पैसा पहुंचाया जा रहा है.

3- बैंक अरबपति उद्योगपतियों को 8 लाख करोड़ रुपए का ऋण देते हैं. वे पैसा हजम कर जाते हैं. बैंक खाली हैं. मोदी ने 1.14 लाख करोड़ रुपए के ऋण राइट ऑफ कर दिए. 

4- विजय माल्या शराब के कारोबारी हैं. वे बूढ़े हैं, पर लड़कियों के साथ घूमते हैं. उन्होंने 8000 करोड़ रुपए के ऋण अदा नहीं किए. मोदी ने उन्हें विमान से लंदन फरार होने में मदद की. वे वहां मौज कर रहे हैं और हम सभी 2000 रुपए निकालने के लिए एटीएम और बैंक के बाहर खड़े हैं.

5- आपने बैंकों में अपना पैसा बचाया. अब एसबीआई ने 6000 करोड़ के ऋण को डूबा हुआ मान कर उसे राइट ऑफ कर दिया. 

6- जनता बैंकों में 10 लाख करोड़ जमा कराएगी. मोदी अपने उद्यमी मित्रों के 8 लाख करोड़ का ऋण राइट ऑफ करेंगे. लोगों को क्या मिलेगा? कुछ नहीं. हमारे साथ विश्वासघात हुआ है. 

2.5 लाख में शादी कैसे?

7- जनार्दन रेड्डी ने अपनी बेटी की शादी पर 500 करोड़ रुपए खर्च किए. दूसरी ओर पूरे देश के पिता सदमे में है क्योंकि बेटी की शादी के लिए पैसा नहीं है.

8- सरकार कहती है, 'बेटी की शादी का कार्ड लाएं, हम 2.5 लाख रुपए देंगे.' अरुण जेटली ने हाल में अपनी बेटी की शादी की. क्या उन्होंने सिर्फ 2.5 लाख रुपए लगाए. आपके नेता 500 करोड़ रुपए खर्च करते हैं और आम आदमी के लिए सिर्फ 2.5 लाख रुपए?

9- चालीस लोग मर गए (नोटबंदी के बाद). उनकी मौत का कौन जिम्मेदार है? (भीड़ से आवाज उठी ‘नरेंद्र मोदी’) ये लोग मरे नहीं हैं, इन्हें शहीद किया गया है. हम उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे.

10- आजादपुर में फलों और सब्जियों की बहार रहती थी. अब जैसे सबकुछ थम गया है.

11- लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारे धैर्य की परीक्षा नहीं लें. 3 दिन के भीतर अपना निर्णय वापस लें वर्ना राष्ट्रव्यापी विरोध का सामना करें.

प्रधानमंत्री पर आरोप

12- केजरीवाल ने मोदी पर लगाए अपने आरोपों को दोहराया कि उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर आदित्य बिरला ग्रुप और सहारा से रिश्वत ली थी. मुझे दस्तावेज उस शख्स से मिले, जो वित्त मंत्रालय में शीर्ष पद पर हैं.

13- 22 नवंबर 2014 को सहारा पर आयकर विभाग के छापे पड़े थे और कुछ दस्तावेज समाने आए. उनमें से एक पर साक्षी और आईटी कमिश्नर के हस्ताक्षर थे.

14- 30 अक्टूबर 2013: 2.5 करोड़ रुपए. जायसवालजी के मार्फत मोदीजो को अहमदाबाद में नकद दिए. 12 नवंबर 2013: 5.10 करोड़ रुपए. जायसवालजी के मार्फत मोदीजो को अहमदाबाद में नकद दिए. 27 नवंबर 2013: 2.5 करोड़ रुपए. जायसवालजी के मार्फत मोदीजो को अहमदाबाद में नकद दिए. 29 नवंबर 2013: 5 करोड़ रुपए. सचिनजी के मार्फत मोदीजो को अहमदाबाद में नकद दिए. 6 दिसंबर 2013: 5 करोड़ रुपए. सचिनजी के मार्फत मोदीजो को अहमदाबाद में नकद दिए. कुल 40.1 करोड़ रुपए की सात एंट्रीज हैं.

मोदी पर ममता हमलावर

केजरीवाल से पहले ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित किया था. मोदी के लिए उनका विरोध पूरे उफान पर था. टूटी-फूटी हिंदी में ही सही. उन्होंने कहा कि लोग इस फैसले के कारण अपने घरों में रो रहे हैं. 'क्या ऐसे ही अच्छे दिन होते हैं?' उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'मोदीजी प्लास्टिक मनी की बात करते हैं...लगता है उन्होंने विदेशों में काफी समय बिताया है, इसीलिए उनकी भाषा बोलने लगे हैं. वे अपने देश और देशवासियों को भूल गए हैं.' 

वे पूछती हैं, 'क्या वे यह सोचते हैं कि उनके विदेश भाग जाने के बाद लोगों को भूखा रहना चाहिए?' ममता बनर्जी ने मांग की कि सरकार अपने फैसले को वापस ले या फिर विरोध का सामना करे. विपक्ष की अन्य पार्टियों से मतभेद रखते हुए बनर्जी ने कहा कि विमुद्रीकरण के लिए बनाई संयुक्त संसदीय समिति को कुछ हासिल नहीं होगा. 

First published: 18 November 2016, 7:48 IST
 
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