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सरकारी स्कूल में बच्चों के पैरंट्स से आधार कार्ड मांग रही केजरीवाल सरकार, ये है बड़ी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2018, 16:12 IST

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिवावकों को भी अब अपना वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड जमा करना होगा. केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए एक सर्कुलर निकाला है. इस सर्कुलर में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से उनका और उनके अभिभावकों के साथ उनके भाई-बहन के भी आधार कार्ड मांगे हैं. केजरीवाल सर्कार के इस फैसले को लेकर अब सियायत बयानबाजी भी शुरू हो गयी है.

एक तरफ जब आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर अभी देश की सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपना फैसला सुरक्षित रखा है तो ऐसे में स्कूलों में अभिभावकों के आधार कार्ड की डिटेल मांगने के पीछे क्या औचित्य है?  इस मामले में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने आधार कार्ड की मांग एक सर्वे के लिए की है.

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की पूर्व सलाहाकार है आतिशी का कहना है कि आप सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अभिभावकों की आधार डिटेल इसलिये मांगी है ताकि ये पता चल सके कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कितने बच्चे वास्तव में दिल्ली के हैं. इससे सरकार ये डाटा निकाल पाएगी कि कितने बच्चे यूपी और हरियाणा के हैं. इस जानकारी के आधार पर ही सरकार कोई पॉलिसी बनाएगी.

इस मामले में आतिशी ने एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत में कहा, ''हाल ही में हमने कुछ स्कूल के इंस्पेक्शन किया और पाया कि जो बॉर्डर के इलाकों के स्कूल हैं, वहां बड़े पैमाने पर यूपी और हरियाणा के बच्चे पढ़ रहे हैं. एक स्कूल में तो 61 फ़ीसदी बच्चे दिल्ली के बाहर के रहने वाले थे.

एक दूसरे स्कूल में पाया कि 54 फ़ीसदी बच्चे दिल्ली से बाहर के थे. दिल्ली सरकार पिछले साढ़े साल से पैसा इन्वेस्ट कर रही है, नए कमरे बना रही है, नई ड्रेस खरीद रही है. इसलिए कि दिल्ली के बच्चों को एक अच्छा पढ़ाई का माहौल मिल सके. वहां एक क्लास रूम में 40 से ज्यादा बच्चे ना बैठे हो. अच्छे टीचर मिल सके. अच्छी सुविधाएं मिल सके लेकिन हम अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन बच्चे ही बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि वह यूपी से आ रहे हैं, हरियाणा से आ रहे हैं.''

दिल्ली सरकार के इस कदम पर मनोज तिवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये निजता के अधिकार पर हमला है. यही नहीं, उन्होंने इसे एक साजिश का हिस्सा बताया.

First published: 13 September 2018, 16:12 IST
 
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