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अंदरूनी दरार को दुरुस्त करने पंजाब पहुंचे केजरीवाल

राजीव खन्ना | Updated on: 15 September 2016, 7:23 IST
QUICK PILL
  • पिछले कुछ महीनों से आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में अंदरूनी दरार के चलते जन्मी अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का बोझ आखिर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कंधों पर आ पड़ा और उन्होंने बेहद संजीदगी से हाल में पंजाब का चार दिवसीय दौरा किया.
  • रविवार को बाघापुराना रैली के दौरान, जहां केजरीवाल ने किसानों का घोषणा पत्र जारी कर अपनी मजबूती का प्रदर्शन कर विपक्ष को इस बात का साफ संकेत दिया कि आमजन के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार है.

पिछले कुछ महीनों से आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में अंदरूनी दरार के चलते जन्मी अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का बोझ आखिर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कंधों पर आ पड़ा और उन्होंने बेहद संजीदगी से हाल में पंजाब का चार दिवसीय दौरा किया.

पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ शुरू के तीन दिन व्यस्त दौरे और बातचीत के बाद केजरीवाल ने अंतिम दिन बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि हाल में आईं अंदरूनी समस्याओं के बावजूद आप को कम नहीं आंका जा सकता.

रविवार को बाघापुराना रैली के दौरान, जहां केजरीवाल ने किसानों का घोषणा पत्र जारी कर अपनी मजबूती का प्रदर्शन कर विपक्ष को इस बात का साफ संकेत दिया कि आमजन के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार है और मतदाता, जो बेसब्री से बदलाव चाहते हैं, को अब भी तीसरी शक्ति में आस्था है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद उभरी थी.

आलोचकों का कहना है कि केजरीवाल ने अपनी पार्टी के सदस्यों को दो टूक कहा कि आप एक खास पार्टी है और टिकट के लिए लालच और वीआईपी सुविधाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बल्कि पार्टी कैडर को अपने लक्ष्यों के लिए काम करना होगा. आलोचकों का कहना है कि यह उनका पहला दौरा है, जब उन्होंने अपने विरोधियों पर आक्रामक रहते हुए अपना बचाव किया.

केजरीवाल ने दौरे के पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि वे आप सरकार बनने तक पंजाब में कैंप लगाएंगे ताकि शिरोमणि अकाली दल मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके साथियों को जेल पहुंचाया जा सके. दरअसल वे इस महीने के अंत में दस दिन के लिए फिर से पंजाब वापस आ सकते हैं.

उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं आप पर उग्र हमले हो सकते हैं, जो कुछ महीनों पहले लुधियाना में मुझ पर और हाल में मलोट में भगवंत मान पर हुए आक्रमणों से साफ है.'

केजरीवाल ने दौरे के पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि वे आप सरकार बनने तक पंजाब में कैंप लगाएंगे.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आप किसी भी दबाव या ऐसे आक्रमण के आगे नहीं झुकेगी क्योंकि पंजाब के लोग पार्टी के साथ हैं. उन्होंने कहा, उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने63 नकली सीडियां तैयार की हैं, जिन्हें वह आप को बदनाम करने के लिए अपने निजी चैनलों पर दिखाएंगे.

अपने मतदाताओं के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत करते हुए केजरीवाल ने उन्हें आप का एजेंडा बताया. उन्होंने चिकित्सकों और शिक्षकों को आश्वासन दिया कि पंजाब में उनके शोषण को समाप्त करने के लिए आप संविदात्मक रोजगार को खत्म करेगी.

पटियाला में संयुक्त वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, 'जहां शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं, चिकित्सक नागरिकों को ताकतवर और स्वस्थ बनाने में समाज की मदद करते हैं, इसलिए हमें उनको वतर्मान व्यवस्था द्वारा शोषित नहीं होने देना चाहिए.' केजरीवाल ने वादा किया कि 'हमारा चुनावी घोषणा पत्र 'चुनावी जुमला' नहीं होगा.

उन्होंने दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक की सफलता का पत्ता खेलते हुए कहा, 'मोहल्ला क्लिनिक की अवधारणा की विश्वभर में काफी तारीफ की गई थी और अमेरिका जैसे देश तक में 'वाशिंगटन पोस्ट' और 'शिकागो टाइम्स' जैसे अखबारों में चर्चा रही कि किस तरह वहां भी मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जा सकते हैं.'

उन्होंने एमबीबीएस की फीस 13,000 से एक लाख रुपए करनेे को लेकर डॉक्टर्स की चिंता पर विचार करने का वादा किया, साथ ही यह भी कहा कि भारी डोनेशन की मांग करके जाने-माने विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन रहे हैं.

आप की दिल्ली टुकड़ी, जो पंजाब में काम कर रही थी, इस दौरान नेपथ्य में रही. मंच पर होने के बावजूद पंजाब प्रभारी संजय सिंह नहीं बोले. आशीष खेतान नहीं आए. रैली के लिए जनता को एकत्रित करने की जिम्मेदारी दुर्गेश पाठक की जगह हरजोत बैंस को दी गई.

अकाली का दांव

सुखबीर ने भी धर्म का पत्ता खेलते हुए आप को नास्तिक ठहराया और पार्टी के सदस्यों की इस बात पर आलोचना की कि वे पंजाब की संस्कृति और यहां के लोगों की भावनाओं और अरमानों से बिलकुल अनजान हैं.

अमरिंदर सिंह के बोल इस बात को लेकर हमेशा तीखे रहे हैं कि केजरीवाल के मुख्य सचिव राजिन्दर कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे और उन पर मुकदमा चल रहा है, वे जेल भी गए थे.

केजरीवाल ने खुद राजिंदर कुमार को इस आरोप से बचाया. फिर उन्हें भ्रष्टाचार के विरुद्ध बोलने का नैतिक अधिकार कैसे हो सकता है? पंजाब का मुख्यमंत्री बनने का दावा करनेे वाले केजरीवाल के लिए अपना विरोध दोहराते हुए अमरिंदर ने अपनी बात जारी रखी, 'केजरीवाल अब दावा कर रहे हैं कि वे बादल और उनके साथियों को सींखचों के पीछे डाल देंगे. मैं 2002 में ऐसा कर चुका हूं. चाहे वे मेरी बात को किसी भी रूप में लें, मैं एक गैर पंजाबी का, पंजाब का मुख्यमंत्री बनने से हमेशा विरोध करूंगा.'

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि केजरीवाल बादल के विरोधियों को अपने भाषण में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, बिना यह बताए कि वे किस तरह बादल को दंड देंगे और सींखचों के पीछे डालेंगे.

'मैं जानता हूं, इसे कैसे करना है क्योंकि मैं कर चुका हूं और मैं इसे फिर कर दूंगा.' उन्होंने आगे कहा कि बादल जैसे भ्रष्ट को सामने लाने के लिए एक व्यवस्थित कानून व्यवस्था है. पर केजरीवाल दिल्ली में वही मानदंड क्यों नहीं इस्तेमाल कर रहे?

बेशक अकाली और सुखबीर कुछ भी गलत कर सकते हैं, पर वे तब तक नकली सीडी नहीं बना सकते, जब तक कि आप और उनके लोग इसमें शामिल नहीं हों. आप सुखबीर की बदनामी के पीछे खुद को छिपा नहीं सकती. एक बुराई को दूसरे के पीछे नहीं छिपा सकते.'

आलोचकों का कहना है कि केजरीवाल को पंजाब की गतिविधियों को संभालने के लिए यहां के लोगों को स्थानीय प्रबंधन का अधिकार जल्द देना पड़ेगा. वे पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से आप के अंदरूनी झगड़ों के कारण फैली अव्यवस्था और का दुष्प्रभाव पार्टी के समर्थक मतदाताओं पर नहीं पड़ने दे सकतेे.

First published: 15 September 2016, 7:23 IST
 
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