Home » इंडिया » Asaram facebook live audio from jail after two days of court verdict, goes viral on social media
 

सजा के दो दिन बाद ही Facebook पर Live आया बलात्कारी आसाराम

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2018, 12:01 IST

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम को कोर्ट ने दोषी ठहराया. साथ ही आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी. सजा मिलने के दो दिन बाद ही आसाराम का लाइव ऑडियो फेसबुक पर वायरल हो गया. इस दौरान दिए संदेश में आसाराम ने समर्थकों को कहा कि- ये केस ही पूरी साजिश है.पहले शिल्पी बेटी फिर बेटे शरत को निकलवाएंगे, फिर हम तुम्हारे बीच आ जाएंगे.

आसाराम के सोशल मीडिया अकाउंट पर तकरीबन एक घंटे तक आसाराम का फोटो लगा एक ऑडियो-वीडियो मैसेज चला.बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया के उस अकाउंट से हटा दिया गया. हालांकि इस संबंध में एक पोस्ट रात तक नजर आई, जिसमें आसाराम के लाइव प्रवचन का प्रचार था.

डीआईजी (जेल) विक्रमसिंह कर्णावत से पूछने पर उन्होंने कहा कि शाम को आसाराम ने जेल के एसटीडी से एक नंबर पर बात तो की थी, हो सकता है किसी ने रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर चलाया होगा.
वहीं आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि, ‘जो भी पूछना है, वो जेल में जाकर आसाराम से क्यों नहीं पूछते? कोई लाइव प्रवचन हुआ तो आपका क्या लेना-देना।’

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान से भारत आए असुमल हरपलानी की आसाराम बापू बनने की कहानी पूरी फिल्मी है

आसाराम के फेसबुक पेज पर शाम को दिए एक संदेश जारी हुआ.इसमें लिखा था- ’27 अप्रैल 2018 – जोधपुर जेल से शाम 6:30 बजे ऑडियो लाइव आने की संभावना है, सभी 'मंगलमय' ऐप पर जरूर सुनें’.उल्लेखनीय है कि ‘मंगलमय’ आसाराम का मोबाइल एप है.बाद में यह ऑडियो फेसबुक पेज और मंगलमय ऐप से हटा दिया गया.

जितनी बड़ी गाज गिरती है, उतने बड़े रास्ते भी बन जाते हैं

सोशल मीडिया से हटाया ऑडियो देर रात एक ब्लॉग पर सामने आया.इसमें आसाराम कहता है कि ‘पहले शरत और शिल्पी को निकलवाएंगे. बाद में हम आ जाएंगे तुम्हारे बीच. जितनी बड़ी गाज गिरती है, उतने बड़े रास्ते भी बन जाते हैं...मैंने तो ठान लिया है...पहले तो शिल्पी बेटी को निकालूंगा और फिर शरत बेटे को...ऊपर एक से एक कोर्ट है, कहीं गलती होती है, तो दूसरी ऊपर की कोर्ट सुधार लेती है...समझ गए ना...? 

ये भी पढ़ें- नाबालिग रेप केस: बलात्कारी आसाराम को उम्रकैद की सजा, जेल में बिताएगा पूरी जिंदगी

 

आसाराम के फेसबुक पेज पर शाम को दिए एक संदेश जारी हुआ.इसमें लिखा था- ’27 अप्रैल 2018 – जोधपुर जेल से शाम 6:30 बजे ऑडियो लाइव आने की संभावना है, सभी मंगलमय पर जरूर सुनें’.उल्लेखनीय है कि ‘मंगलमय’ आसाराम का मोबाइल एप है.बाद में यह ऑडियो फेसबुक पेज और मंगलमय एप से हटा दिया गया.

जितनी बड़ी गाज गिरती है, उतने बड़े रास्ते भी बन जाते हैं

सोशल मीडिया से हटाया ऑडियो देर रात एक ब्लॉग पर सामने आया.इसमें आसाराम कहना है कि ‘पहले शरत और शिल्पी को निकलवाएंगे. बाद में हम आ जाएंगे तुम्हारे बीच. जितनी बड़ी गाज गिरती है, उतने बड़े रास्ते भी बन जाते हैं...मैंने तो ठान लिया है...पहले तो शिल्पी बेटी को निकालूंगा और फिर शरत बेटे को...ऊपर एक से एक कोर्ट है, कहीं गलती होती है, तो दूसरी ऊपर की कोर्ट सुधार लेती है...समझ गए ना...? 

ये भी पढ़ें- नाबालिग रेप केस: बलात्कारी आसाराम को उम्रकैद की सजा, जेल में बिताएगा पूरी जिंदगी

क्या था पूरा ऑडियो
जेल से सोशल मीडिया पर लाइव आए आसाराम ने यह भी कहा कि मेरे साधक मेरी बात मान कर जोधपुर नहीं आए, इसलिए साजिश करने वाले सफल नहीं हो पाए. आसाराम के ऑडियो संदेश के शुरुआत कुछ अंश- सभी आश्रमों में व सभी देशों में खबर पहुंचा दो. आज शाम के 7 बजे ताजा बुलेटिन ठीक है, कुछ लोग झूठ फैलाने में लगे हैं. रोने की बात झूठ है.जेल में बंदियों ने थाली बजाई ये बात भी झूठ है.

जेल के अफसर और सभी कैदी-बंदी भी फैसले से दुखी हुए थे, लेकिन मुझे ठहाके लगाते, मौज में देख सबका चेहरा खिल जाता है. मेरे साधकों ने मेरी बात मानी, नहीं आए, इसलिए साजिश करने वाले सफल नहीं हो सके. कुछ लोग आश्रम के लैटरहैड को कॉपी करके अनर्गल मैसेज कर रहे हैं.

इनसे सावधान रहना सिर्फ लक्ष्मी, नारायण सांई और भारती ही मेरा परिवार है, ऐसा कहने वाले गलत है, पूरी दुनिया ही मेरा परिवार है, जिसमें लाखों-करोड़ों सदस्य हैं. शिल्पी एमए की हुई है और शरत अमेरिका से एमटेक कर चुका है.इन्हें भी सजा सुना दी. जबकि हमने कोई साजिश नहीं रची.ये केस ही पूरी साजिश है...।

ये भी पढ़ें- POCSO एक्ट की वजह से आसाराम को ये बड़े वकील भी सलाखों से नहीं निकाल पाए बाहर!

जेल से आसाराम द्वारा सोशल मीडिया पर लाइव आने को लेकर डीआईजी (जेल) विक्रमसिंह कर्णावत ने बताया कि जेल में बंदियों या कैदियों को किन्हीं दो नंबरों पर एक महीने में कुल 80 मिनट बात करने की अनुमति है. इन नंबरों का पहले एटीएस से वेरिफिकेशन कराया जाता है. इसके बाद कैदी या बंदी उस नंबर पर बात कर सकता है.

शुक्रवार शाम 6:30 बजे आसाराम ने साबरमती आश्रम के जदवानी निशांत से 17 मिनट बात की थी. संभव है कि इसी बातचीत को आश्रम से सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित किया हो. आसाराम ने जो बातचीत की, वो जेल के एसटीडी पर लगे सिस्टम में रिकॉर्ड है. बातचीत को सोशल मीडिया पर जारी करने को लेकर कोई तय नियम तो नहीं है, लेकिन ऐसा करना अनुचित है. कैदी की यह सुविधा छीनी जा सकती है.

 

First published: 28 April 2018, 12:01 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी