Home » इंडिया » Asha Kumari, Himachal Pradesh Congress leader convicted in a land grab case elevated to AICC in-charge of Punjab
 

दागी नेता आशा कुमारी को पंजाब कांग्रेस प्रभारी की जिम्मेदारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2016, 10:58 IST
(फाइल फोटो)

हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी को पार्टी ने पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है. जमीन विवाद के एक मामले में दोषी आशा कुमारी को कमलनाथ की जगह पंजाब की बागडोर सौंपी गई है.

राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. सिख दंगों में कथित तौर पर विपक्ष के सवाल उठाए जाने के बाद कमलनाथ ने प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके कमलनाथ को हाल ही में पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया था, लेकिन सिख दंगों में आरोपों की वजह से उनके नाम पर काफी विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद पार्टी ने उनसे पंजाब की कमान वापस ले ली.

हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से विधायक आशा कुमारी पार्टी में अनेक पदों पर काम कर चुकी हैं. वह कमलनाथ की तुलना में कम जाना-पहचाना चेहरा हैं.

आशा कुमारी की नियुक्ति पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किसी विवाद से बचने के मकसद से की गयी मानी जा रही है.

पार्टी सूत्रों ने पहले कहा था कि पंजाब में किसी मौजूदा महासचिव को तब तक अस्थाई रूप से प्रभारी बनाया जा सकता है, जब तक नए नेताओं को एआईसीसी में शामिल करने पर फैसला नहीं हो जाता.

जमीन कब्जे के मामले में दोषी

फरवरी 2016 में आशा कुमारी को हिमाचल प्रदेश की चंबा कोर्ट ने जमीन कब्जे के 15 साल पुराने मामले में दोषी करार दिया था. उस वक्त हिमाचल विधानसभा का सत्र चल रहा था.

आशा कुमारी पांच बार से विधायक हैं. इसके बाद माना जा रहा था कि उनके सियासी करियर खतरे में है. अदालत ने उन्हें एक साल की सजा और आठ हजार रुपये जुर्माना ठोका था. इस मामले में चार अन्य अभियुक्तों को दो से तीन साल जेल की सजा हुई है.

आशा कुमारी दो बार हिमाचल प्रदेश की शिक्षा मंत्री रह चुकी हैं. 2004-05 में जब अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए थे तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. 

मार्च में सजा पर रोक

हालांकि इस साल मार्च में उन्हें राहत मिल गई, जब अदालत ने उनको मिली सजा पर रोक लगाते हुए इस मामले में उच्च अदालत में अपील करने के लिए एक साल की मोहलत दे दी.  

आशा कुमारी का कहना है, "फरवरी में जब अदालत का फैसला आया तो मैं रोने लगी थी, मेरा फोन लगातार बज रहा था. रिश्तेदारों और दोस्तों ने मुझे फोन करके बताया था कि एक समाचार चल रहा है जिसके मुताबिक मुझे तीन साल की सजा हुई है." 

सोनिया गांधी ने दी जानकारी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जब आशा कुमारी को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त करने की जानकारी दी इसके बाद अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से इंटरव्यू के दौरान आशा ने कहा, "जब मुझे सजा की खबर मिली तो लगा कि मैं खत्म हो चुकी हूं."

एआईसीसी सचिव आशा कुमारी ने कहा, "जिम्मेदारी मिलने का पता चलते ही मैं चौंक गई. हालांकि आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले संकेत दिए थे कि कुछ बड़ा प्रभार मुझे मिल सकता है. मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी."


First published: 27 June 2016, 10:58 IST
 
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