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असम एडीजीपी को निशाना बनाया जा रहा है, मोदी और सोनोवाल से अपील

सादिक़ नक़वी | Updated on: 27 October 2016, 8:25 IST
(सजाद मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • असम पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने आरोप लगाया है कि राज्य में कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ साजिश कर उन्हें परेशान कर रहे हैं. 
  • उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल से कार्रवाई की उम्मीद जताई है क्योंकि साजिशकर्ता कथितरूप से भ्रष्टाचारी हैं. 

1986 बैच के राजकुमार चंद्रनाथन ने मंगलवार को प्रेस में एक स्टेटमेंट जारीकर कहा कि 2012 से 2015 के दौरान जब वह अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस (एंटी करप्शन एंड विजिलेंस) के पद पर थे, तब उन्होंने कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामलों में लिप्त होने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की थी, वे ही अब उनके खिलाफ एकजुट हो गए हैं. 

आईपीएस अफ़सर चंद्रनाथन फिलहाल असम में एडीजीपी (संचार) के पद पर हैं. इससे पहले वह सीआईडी, सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के प्रभारी रहे. चंद्रनाथन ने अपने बयान में कहा 'मैं चाहता हूं राज्य सरकार मुझे सुरक्षा मुहैया करवाए क्योंकि जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मैंने कभी जांच पड़ताल की थी, वे सब मिलकर अब मेरी छवि धूमिल करने की साजिश कर रहे हैं और मुझ पर झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम कर रहे हैं'.

मुकदमे

सिल्चर में चंद्रनाथन के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज हो गई है. अदालती आदेश के बाद दर्ज की गई पहली एफआईआर में चंद्रनाथन पर आपराधिक मानहानि का आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इन दिनों सिल्चर में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्त अनुराग अग्रवाल के खिलाफ एक जांच के दौरान मनगढ़न्त सबूत पेश किए. 

साथ ही, एफआईआर में कहा गया है कि चंद्रनाथन ने मानहानि की और सबूत के तौर पर झूठे सुबूत पेश किए. सूत्रों के अनुसार यह मामला अग्रवाल के खिलाफ एक सिंगी गैंडे के व्यापार में उनकी भूमिका पर जांच से जुड़ा है.

कार्बी एंगलॉन्ग जिले के पुलिस अधीक्षक ने डीजीपी को चिट्ठी लिखकर बताया है कि अग्रवाल जब कार्बी एंगलॉंग जिले में थे, वे गैंडे के सींग की तस्करी में लिप्त एलैक्स सिंह की जी हजूरी करते थे. और तो और, कार्बी एंगलॉंग के पुलिस महकमे ने सिंह को निजी सुरक्षा अधिकारी तक उपलब्ध करवाए हुए थे. शुरुआती जांच की रिपोर्ट असम सरकार के पास एक साल से लम्बित है. अग्रवाल ने सरकार के इस रवैये पर अदालत में अपील की है. 

चंद्रनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी एवं सतर्कता विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच शुरू कीं, जिनमें कथित तौर पर पुलिस अधिकारी भी लिप्त थे. इनमें 2014 का भर्ती घोटाला और शारदा घोटाला प्रमुख है.

असम में अग्रवाल का विवादों से पुराना नाता रहा है. अग्रवाल ने पहले भी आरोप लगाया है कि चंद्रनाथन ने उनके खिलाफ सतर्कता आयोग की जांच शुरु कर उन्हें मिलने वाले तीन गैलेंटरी मेडल्स रुकवा दिए. हालांकि अग्रवाल द्वारा उच्च न्यायालय में अपील करने के बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तो निरस्त कर दी गई. मुख्य न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा, गैलेंटरी मेडल वाला मामला इस केस में फिट नहीं बैठता.

प्रॉपर्टी विवाद

मामला गुवाहाटी के नून मति क्षेत्र में 4.6 बीघा के एक प्लॉट की नाप जोख का है. आरोप है कि यह संपत्ति मात्र 15 लाख रूपए प्रति बीघा में खरीद ली गई जबकि इसकी असल कीमत 75 लाख रूपए प्रति बीघा है. अग्रवाल के वकील का कहना है कि 75 लाख रूपए प्रति बीघा की दर केवल उन्हीं जमीनों पर लागू होती है, जो मेन रोड से 200 मीटर की दूरी के दायरे में आते हैं और नून मति की प्रॉपर्टी इस कैटगरी में नहीं आती. सूत्रों ने बताया प्लॉट की नाप जोख का ही मसला नहीं है. संपत्ति का टाइटल भी विवादास्पद ही रहा है. इसके अलावा प्लॉट के आकार में भी गड़बडि़यां हैं.

मामले की जांच 2005 से लम्बित चल रही थी और 2012 में सरकार से अनुमति लेकर चंद्रनाथन के कार्यकाल में फिर से शुरू हुई. सरकार ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमित जांच की सिफारिश की लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा शुरुआती जांच रिपोर्ट खारिज कर दिए जाने के कारण ऐसा नहीं हो सका.

दूसरी एफआईआर

इस बीच, चंद्रनाथन के खिलाफ दूसरी एफआईआर भी अदालत के आदेश पर सिल्चर में ही दायर की गई. सुजित कुमार पॉल नामक व्यक्ति ने चंद्रनाथन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा था कि 2009 में असम पुलिस द्वारा कांस्टेबल भर्ती अभियान में गड़बडि़यां की गई. सात साल बाद मामले में आरोप लगाए गए हैं.

पॉल व कई अन्य लोगों ने पहले भी भर्तियों को अदालत में चुनौती दी है और फैसला उनके पक्ष में नहीं हुआ. बाद में उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की, वह भी उनके पक्ष में नहीं गया और आखिरकार उन्हें रिव्यू पिटीशन लगानी पड़ी, जो फिलहाल अदालत में लम्बित है. चंद्रनाथन ने अपने वक्तव्य में कहा, 'अदालत में चल रहे मामले को तोड़-मरोड़ कर झूठा बनाकर आपाराधिक मामला दर्ज किया गया है'.

चंद्रनाथन ने आरोप लगाया है कि आपराधिक मामले दर्ज करना उनके द्वारा शुरू की गई जांच पड़ताल की गति को धीमा करना है. उन्होंने राज्य सरकार को इससे अवगत करवा दिया है. उन्होंने कहा मुझे पूरा यक़ीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल उनका समर्थन करेंगे. ये दोनों ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और स्मार्ट पुलिसिंग की वकालत करते आए हैं.

First published: 27 October 2016, 8:25 IST
 
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