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असम के 30 जिलों में बाढ़ ने मचाया कहर, 13 लोगों की मौत, 90 फीसदी डूबा काजीरंगा पार्क

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 July 2019, 9:20 IST

बारिश ने देश के कई हिस्सों में हाहाकार मचा रखा है. भारी बारिश के चलते पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ आ गई है. राज्य के 33 में से 30 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. बताया जा रहा है कि बाढ़ के चलते असम के 4157 गांव टापू के रूप में बदल गए हैं. भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में 13 लोगों की मौत हो गई है. वहीं कुछ लोगों की मौत लैंडस्लाइट के चलते हुई है. वहीं ब्रह्मपुत्र नदी की तेज लहरों ने भी लोगों के सामने मुसीबत पैदा कर दी है. बाढ़ के चलते काजीरंगा नेशनल पार्क का 90 फीसदी हिस्सा पूरी तर से डूब गया है. बाढ़ के चलते अब तक 42 लाख 86 हजार लोग प्रभावित हैं.

असम में सोमवार को बाढ़ ने और भी बुरे हालात पैदा कर दिए. जिसके चलते जोरहाट, बरपेटा और धुबरी जिलों में चार लोगों की मौत हो गई. असम के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि राज्य में अबतक 13 लोग बाढ़ के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं. बाढ़ के चलते ऊपरी और निचले असम का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है. बताया जा रहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क के पास नेशनल हाइवे-37 पूरी तरह से पानी में डूब गया है. बाढ़ चलते राज्य सरकार ने यहां छोटे वाहनों के आने जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है.

बाढ़ के चलते वन विभाग को भी हाईअलर्ट पर रखा गया है. वन विभाग ने नेशनल हाइवे-37 पर शिकार करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है. नेशनल हाइवे पर टाइम कार्ट सिस्टम लगाया गया है और यहां वाहन चालकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने वाहन 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक स्पीड से ना चलाएं.

सबसे अधिक नुकसान बरपेटा जिले में हुआ है. जहां 7 लाख 35 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं मोरीगांव जिले में 3 लाख 50 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं धुबरी जिले में 3.38 लाख लोग बाढ़ की चपेट से प्रभावित हुए हैं. राजधानी गुवाहटी में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. जिसके चलते शहर में नदी के किनारे वाले इलाकोंं में हाईअलर्ट जारी किया गया है.

जोरहाट जिले के निमतीघाट, सोनितपुर के तेजपुर के अलावा गोलपुरा, धुबरी और करीमगंज के ब्रह्मपुत्र घाट पर पानी की स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इसके अलावा राज्य का बाकी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

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बाढ़ के चलते 3181 गांवों में पानी भर गया है. वहीं 87,607 हेक्टेयर खपर पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. सरकार ने राज्य के 24 जिलों में में 327 राहत कैंप बनाए हैं. जहां 16,596 लोग रह रहे हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने पिछले 24 घंटों में बाढ़ में फंसे 7,800 से अधिक लोगों को बाहर निकाला है.

First published: 16 July 2019, 9:20 IST
 
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