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यहां की BJP सरकार सात लाख लोगों के बैंक खातों में डालेगी 2,500 रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2018, 10:18 IST

असम सरकार ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वह चाय बागान श्रमिकों के सात लाख से अधिक बैंक खातों में 2,500 रुपये जमा करेगी. ये खाते दो साल पहले नोटबंदी के ठीक बाद खोले गए थे. यह राशि पिछले वर्ष 2017-18 के बजट में घोषित 5,000 रुपये प्रोत्साहन की दूसरी किस्त है.

असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा "राज्य सरकार ने इस योजना के दूसरे चरण की किश्त को मंजूरी दे दी है. चरण -1 के दौरान कवर किए गए सभी लाभार्थियों को 15 जनवरी, 2019 को अपने बैंक खातों में 2,500 रुपये का दूसरा हिस्सा मिलेगा," केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 रुपये और 1000 रुपये के बैंक नोटों को बंद कर दिया था.

वित्तमंत्री ने कहा कि असम सरकार ने पहले चरण के दौरान 26 जिलों में 752 चाय बागानों में चाय बागान के श्रमिकों के 7,21,485 खातों में से प्रत्येक को 2,500 रुपये स्थानांतरित कर दिए थे. शर्मा ने बताया, "यह जानकर खुशी हो रही है कि उन खातों में से लगभग सात लाख सक्रिय रहे. हमने पहले चरण में 182 करोड़ रुपये खर्च किए थे."

जानिए क्या खास है इस चाय में 

2016 में दार्जिलिंग चाय की औसत कीमत 500 रुपये किलो थी, जबकि दार्जिलिंग में सालाना 90 लाख किलो चाय का उत्पादन होता है. दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे महंगी और खुशबूदार चाय मानी जाती है. यहाँ वर्ष 1956 में चाय की खेती ने ज़ोर पकड़ा और अब इस पर्वतीय इलाके में ऐसे क़रीब 86 बागान हैं जहाँ चाय तैयार की जाती है. हज़ारों लोग इन पत्तियों को चाय के बागानों से चुनकर कारखानों तक पहुँचाते हैं.

चाय की सालाना बिक्री क़रीब 80 मिलियन डॉलर (लगभग 5 अरब रुपये) की होती है. दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे महंगी चायों में से एक है. इसमें से कुछ की कीमत 850 डॉलर (लगभग 54000 रुपये) प्रति किलो तक है.

First published: 20 December 2018, 10:06 IST
 
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