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असम: NRC ड्राफ्ट में पूर्व राष्ट्रपति के परिवार का नाम नदारद

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2018, 9:12 IST

असम के NCR यानी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में तकरीबन 40 लाख लोगों को अवैध नागरिक घोषित कर दिया है. इसके अनुसार 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक माना गया है. इस ड्राफ्ट के आने से देश में बवाल मचा हुआ है. आखिर ये 40 लाख लोग अपनी नागरिकता को कैसे साबित करेंगे?

इन 40 लाख लोगों का भविष्य आखिर क्या होगा? हालांकि एनआरसी का कहना है कि ये सिर्फ ड्राफ्ट है, फाइनल लिस्ट नहीं. एनआरसी का कहना है कि जिन लोगों का नाम इस लिस्ट में नहीं है, वे राज्य की नागरिकता का दावा और आपत्ति कर सकते हैं.

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गौरतलब है कि इन 40 लाख लोगों में कुछ ऐसे चौंकाने वाले नाम है जिनसे जरूर ही सरकार के इस ड्राफ्ट पर शक पैदा हो सकता है. इस ड्राफ्ट में देश के पूर्व राष्ट्रपति के परिवार का नाम नदारद है. भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के भतीजे जियाउद्दीन अली अहमद ने दावा किया कि उनका नाम एनआरसी में नहीं है.

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उन्होंने कहा, ''मेरा नाम एनआरसी लिस्ट में नहीं है. मेरे पिता (एकरामुद्दीन अली अहमद) ने लेगेसी डेटा दस्तावेज जमा नहीं करवाया था. हम अपने चाचा (फखरुद्दीन अली अहमद) के परिवार के संपर्क में हैं.''

गौरतलब है कि फखरुद्दीन अली अहमद 24 अगस्त 1974 से लेकर 11 फरवरी 1977 तक स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति रहे थे. इस मामले में सरकार को विपक्षी पार्टियां घेर रहीं है. उन्होंने इस ड्राफ्ट के जरिये सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं.

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पूर्व राष्ट्रपति के परिवार का नाम न होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने विरोध और आश्चर्य जताया है. उन्होंने कहा है कि एनआरसी मामले में सरकार ने बहुत जयादा पक्षपात किया है.पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार का नाम ही अगर लिस्ट में नहीं है तो ये बहुत चौकाने वाली बात है. वहीं सरकार का कहना है कि नागरिकता साबित करने के लिए लोगों को मौके दिये जाएंगे.

First published: 1 August 2018, 9:12 IST
 
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