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NRC: अन्य राज्यों में न कर सकें प्रवेश इसलिए लिया जाएगा 40 लाख लोगों का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2018, 9:39 IST

असम के जिन 40 लाख लोगों की नारिकता को अवैध बताया गया है अब सरकार उनका बायोमेट्रिक्स रिकॉर्ड लेने की तैयारी कर रही है. इस मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है की सरकार उन 40 लाख लोगों के बायोमेट्रिक्स रिकॉर्ड लेने के बारे में सोच रही है जिनका नाम फाइनल ड्राफ्ट में नहीं है. सरकार का तर्क है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिसमे कि वो लोग गलत पहचान बनवाकर या अवैध तरीके से भारत के किसी अन्य राज्य में प्रवेश न कर लें.

केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने  पीठ से कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों ने कहा है कि जो 40 लाख लोग अवैध नागरिक घोषित किए गए हैं, वो किसी अन्य राज्य को पलायन कर सकते हैं. इसे रोकने के लिए ये बॉयोमैट्रिक्स रिकॉर्ड लिए जाने जरुरी है ताकि अन्य राज्यों में गलत पहचान के साथ अगर पलायन होता भी भी है तो उन्हें इस आधार पर पहचाना जा सके. 

वेणुगोपाल ने कहा, "उन राज्यों की आशंकाओं को दूर करने के लिये सरकार 40 लाख से अधिक लोगों का बायोमेट्रिक डाटा एकत्र करने पर विचार कर रही है, ताकि अगर उन्हें विदेशी घोषित किया जाता है और वे गलत पहचान के आधार पर दूसरे राज्यों में चले जाते हैं तो संबंधित अधिकारी उनका पता लगा सकें."

 

सरकार के इस तर्क पर कोर्ट का कहना है कि सरकार जो चाहे कर सकती है. कोर्ट इसकी जांच करेगा. पीठ ने कहा, "आप जो भी चाहें करें. फिलहाल हम टिप्पणी करना नहीं चाहेंगे. आप इसे करें और तब हम इसकी जांच करेंगे. हमारी चुप्पी सहमति या आश्वासन का प्रतीक नहीं है."

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इन 40 लाख लोगों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोर्ट का कहना है कि ये सिर्फ ड्राफ्ट है जिसके आधार पर इन लोगों पर दंडात्मक कार्यवाई नहीं की जा सकलती. इसी के साथ कोर्ट की पीठ ने निर्देश दिए हैं कि सरकार इस ड्राफ्ट के बाद उत्पन्न होने वाली आपत्तियों से निपटने के लिए पहले से ही समय सीमा निर्धारित कर लें. और इसका एक एसओपी भी तैयार कर लें.

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First published: 1 August 2018, 9:39 IST
 
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