Home » इंडिया » Assam: three priests rescued by army men from mob lynching
 

असम: बच्चा चोर समझकर तीन साधुओं का 'मॉब लिंचिंग' करने पर उतारू थी भीड़, सेना ने बचाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2018, 15:56 IST

देशभर में बच्चा चोरी के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग पर मोदी सरकार ने गुरुवार को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को इस तरह की घटनाओं को रोकने का निर्देश जारी किया था. लेकिन आज भाजपा शासित राज्य असम से ऐसी ही एक और घटना सामने आई है. जहां बच्चा चोरी के शक में भीड़ तीन साधुओं का मॉब लिंचिंग करने पर उतारू थी.

खबर केे अनुसार, साधु के वेश में तीन लोगों को बच्चा चोर समझ भीड़ ने घेर लिया था. वह तो भला हो सेना का. अगर सेना के जवान दखल न देते तो ये तीनो आज भीड़ का शिकार हो गये होते. ये घटना असम के डीमा हसाओ इलाके की है.

खबर है कि इन तीन साधुओं में से दो उत्तर प्रदेश के हैं जबकि एक गुजरात से है. इन लोगों को बाद में सेना के महुर कैंप में ले जाया गया जहां इनसे पूछताछ भी की गई. सेना के अधिकारियों की माने तो ये लोग असम में होने वाले मेले में भाग लेने के लिए यहां आए थे.

बता दें कि एक दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने राज्यों से बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिए जाने की घटनाओं को रोकने की दिशा में कदम उठाने को कहा था. बता दें कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर बच्चा चोरी की फैली अफवाह के बाद मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं.

पढ़ें- लोकसभा चुनाव से पहले मॉब लिंचिंग की घटनाओं से डरी मोदी सरकार! उठाया ये कदम

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से इस तरह की अफवाह पर नजर रखने का निर्देश देते हुए इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा था. मंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित राज्यों से कहा है कि वे जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और इस संबंध में जागरूकता पैदा करने के लिए सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करें.

First published: 6 July 2018, 15:56 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी