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अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक, इस गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं पूर्व प्रधानमंत्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2018, 12:03 IST

पूर्व प्रधानमन्त्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेई की हालत पहले से ज्यादा बिगड़ गयी है. वाजपेई को एम्स अस्तपाल में भर्ती किया गया है, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. पिछले 24 घंटों में उनकी हालात ज्यादा बिगड़ती जा रही है. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन में इसकी जानकारी दी.

पिछली काफी समय से वाजपेई को किडनी में इन्फेक्शन की समस्या थी. जिसके बाद उनके सीने में जकड़न और यूरिनरी पाइप में इन्फेक्शन के चलते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. जिसके बाद से उनकी हालत बिगड़ती जा रही है.

एम्स ने जारी किये एक बयान में कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, पिछले 24 घंटों में उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई है. उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं.’’

इसके साथ ही बीते काफी समय से अटल बिहारी वाजपेई डिमेंशिया नाम की बीमारी से लड़ रहे हैं. 25 दिसंबर 1924 को जन्मे और भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखने वाले वाजपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए. बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले वो पहले और अभी तक एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं.

वाजपेई एक सफल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही बेहद सधे हुए कवि भी माने जाते हैं. उनकी "हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा" उनके दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाता है. जिसके बल पर अभी तो वाजपेई ने इस गंभीर बीमारी का सामना किया. और 'हार नहीं मानी'

जब अटल बिहारी ने कहा- मौत से ठन गई... हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा

वाजपेई जिस डिमेंशिया नाम की बीमारी से ग्रसित हैं. उसमे सबसे ज्यादा असर मेमोरी पर पड़ता है. नाम, जगह, तुरंत की गई बातचीत को याद रखने में परेशानी होती है. इस बीमारी से लोग अवसाद में चले जाते यहीं. किसी भी तरह से बातचीत करने में काफी कठिनाई होती है. इस बीमारी के चलते मनुष्य के व्यवहार में कई बड़े बदलाव आ जाते हैं.

ये बीमारी फ़ूड पाइप को भी प्रभावित करती है जिस कारण से कुछ भी निगलने में काफी समस्या होती है. चलते फिरने में मनुष्य अशक्त हो जाता है. ये निर्णय लेने की क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित करती है.

अटल बिहारी वाजपेई इन बीमारियों के चलते 2009 से ही व्हीलचेयर पर हैं. भारत रत्न से सम्मानित देश के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ से मिलने प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेता एम्स पहुंचे.

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First published: 16 August 2018, 10:23 IST
 
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