Home » इंडिया » Atal Bihari Vajpayee entered in chinese embassy for protest against china allegation
 

जब चीन को सबक सिखाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी भेड़ों का झुंड लेकर चीनी दूतावास में घुसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2018, 15:05 IST

पूर्व प्रधानमन्त्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम निधन हो गया. अटल बिहारी वाजपेयी के पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय में अंतिम दर्शान के लिए रखा गया है. बीजेपी मुख्यालय में देश की सभी पार्टियों के नेताओं के साथ बड़ी मात्रा में आम जनसैलाब अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम दर्शन के लिए मौजूद है. अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व के मुरीद पक्ष-विपक्ष सभी राजनैतिक दल रहे है.

अटल बिहारी वाजपेयी अपनी सफल कूटनीति के बारे में भी जाने जाते हैं. इसका सबसे अच्छा उदाहरण है 1965 में सिक्किम सीमा पर चीन से हुआ विवाद. चीन ने भारतीय सैनिकों पर आरोप लगाया कि तिब्बत के 800 भेड़ें और 59 याक भरतिया सेना के जवानों ने चुरा लिए हैं.


इस स्टेशन से शुरू हुई थी 'अटल-आडवाणी' की दोस्ती की ट्रेन

चीन ने भारत को उन्हें लौटाने के लिए कहा. इतना ही नहीं चीन ने ये धमकी भी दी कि ये जानवर अगर वापस नहीं किये गए तो भारत को बुरे परिणाम देखने होंगे. इस मामले में भारतीय सेना पर आरोप लगाते हुए भारत को परमाणु हमले तक की धमकी दे दी थी.

 

चीन के इस बेतुके और आक्रामक रवैये पर अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बहुत ही अजीब सा फैसला किया. उस समय अटल बिहारी वाजपेयी सांसद थे. वो दिल्ली स्थित चीन के दूतावास में भेड़ों का झुंड लेकर घुस गए थे. और इस अनोखे अंदाज में उस वक़्त सांसद रहे वाजपेयी ने विरोध प्रदर्शन किया. अटल के साथ जो प्रदर्शनकारी थे उन्होंने हाथों में तख्ती ली हुई थी जिसमे लिखा था, 'हमें खा लीजिए, लेकिन दुनिया को बचा लीजिए.'

ये भी पढ़ें- जब अटल बिहारी वाजपेयी ने बिना किसी हथियार के पाकिस्तान पर किया था बड़ा हमला

First published: 17 August 2018, 14:56 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी