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अटल बिहारी वाजपेयी की अंंतिम यात्रा में हाथ जोड़े पीछे-पीछे चले मोदी-शाह

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2018, 16:01 IST

अटल बिहारी वाजपेयी का निधन गुरुवार को शाम 5 बजकर 5 मिनट पर एम्स में हो गया. उनके अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी मुख्यालय में लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है. राजनीति से लेकर कला और कई क्षेत्र के दिग्गज उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे हैं. उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है. बीजेपी मुख्यालय से शुरू हुई उनकी अंतिम यात्रा राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर जाकर समाप्त होगी. 

बता दें कि आज सुबह 9 बजे सेना के सजे ट्रक से अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर बीजेपी मुख्यालय लाया गया था. यहां दोपहर 2 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था. इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा यहां से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक निकाली गई.

सुबह उनके पार्थिव शरीर को उनके निवास 6 ए कृष्ण मार्ग से अकबर रोड, इंडिया गेट, तिलक मार्ग, आईटीओ होते हुए दीन दयाल मार्ग पर स्थिल बीजेपी मुख्यालय लाया गया था. अब उनकी अंतिम यात्रा दीन दयाल मार्ग से डीडीयू मार्ग, बहादुरशाह ज़फर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, निषादराज मार्ग, रिंग रोड और फिर राजघाट के सामने से होते हुए स्मृति स्थल तक निकलेगी.
 

करीब 2 महीने पहले अटल बिहारी वाजपेयी को दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया था. उनको किडनी की नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया नामक बीमारी से पीड़ित थे और वह साल 2009 से ही व्हीलचेयर पर थे.

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राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे. वह पहली बार साल 1996 में प्रधानमंत्री बने हालांकि उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई. दोबारा 1998 में वह फिर प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीनों तक चली थी. इसके बाद साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया.

First published: 17 August 2018, 14:10 IST
 
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