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अटल बिहारी वाजेपेयी के निधन पर लाल कृष्ण आडवाणी हुए भावुक, कहा- मुझे अटल जी बहुत याद आएंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2018, 20:13 IST

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत नुकसान है. उन्होंने कहा कि अटल पिछले 65 सालों से उनके सबसे करीबी दोस्त थे और अब वह उन्हें बहुत याद करेंगे. उन्होंने कहा, "आज अपने गहरे दुख और उदासी को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है, हम सभी भारत के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं. अटलजी मेरे लिए वरिष्ठ सहयोगी से अधिक थे. असल में वह पिछले 65 सालों से मेरे सबसे करीबी दोस्त थे,"

आडवाणी ने कहा, "मैं आरएसएस के लिए प्रचार के दिनों से लेकर, भारतीय जनसंघ की शुरुआत, इमरजेन्सी का विरोध और 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन तक उनके साथ अपने लंबे सहयोग की यादों की सराहना करता हूं."

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बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की थी. भाजपा की स्थापना के बाद भारतीय राजनीति में इन दोनों को एक साथ 'अटल-आडवाणी' के नाम से पुकारा जाने लगा. ये दोनों बीजेपी की स्थापना के काफी पहले राजनीति में आ चुके थे. दोनों ने ही आरएसएस के प्रचारक के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. 

अटल और आडवाणी दोनों पत्रकारिता से जुड़े थे. जब अटल जी अपने भाषण के दम पर राजनीति में तेजी से जगह बना रहे थे तो आडवाणी राजस्थान के कोटा में संघ के प्रचारक के तौर पर काम रहे थे. एक बाद अटल बिहारी सहयोगी के तौर पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ ट्रेन से मुंबई जा रहे थे. उस समय आडवाणी कोटा में प्रचारक थे. उनको पता लगा कि उपाध्याय जी इस स्टेशन से गुजरने वाले हैं तो वह मिलने आ गये. वहीं पर मुखर्जी ने दोनों की मुलाकात करवाई थी.

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इसके बाद अटल और आडवाणी की जोड़ी चल निकली. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी को दशकों तक बीजेपी के दाएं और बाएं हाथ की तरह देखा जाता था. बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जिंदगी और मौत की जंग हार गए हैं. लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी राजनीति के अजातशत्रुु को नहीं बचा सकी. उनकी तबीयत को लेकर पिछले काफी समय से बेचैनी थी. आज शाम 5 बजकर पांच मिनट पर अटल जी ने एम्स में अंतिम सांस ली है. उनकी मौत के बाद देश भर में शोक की लहर दौड़ गई. वाजपेयी के निधन की जानकारी मिलते ही एम्स में नेताओं और अन्य हस्तियों का तांता लग गया.

First published: 16 August 2018, 20:01 IST
 
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