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जब अटल ने पाकिस्तान खेलने जा रहे सौरव गांगुली से कही थी यह 'खास बात'.. और फिर

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2018, 11:25 IST

भारतीय राजनीति के अजातशत्रुु अटल बिहारी वाजपेयी का कल शाम 5 बजकर 5 मिनट पर एम्स में निधन हो गया. उनके निधन से देश ने एक महान नेता, एक महान कवि और एक महान इंसान खो दिया. उनके जीवन के कई किस्से आज भी याद किए जात हैं. उनमें से एक किस्सा था साल 2004 में भारतीय क्रिकेट टीम का पाकिस्तान दौरा. अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय क्रिकेट टीम को 19 बरस बाद साल 2004 में पाकिस्तान दौरे पर जाने की मंजूरी दी. लेकिन जो सबसे बड़ी चीज थी वह उनके द्वारा कप्तान सौरव गांगुली और टीम को कही गई एक खास बात थी.

दरअसल पिछले 19 साल से भारत ने पाकिस्तान की सरजमीं पर एक भी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज़ नहीं खेली थी. तब अटल जी थे जिन्होंने दोनों देशों के रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों में धर्म की तरह माने जाने वाले क्रिकेट का सहारा लिया था. अटल जी की उम्मीदों को लेकर सौरव गांगुली की अगुवाई वाली टीम सरहद पार जा रही थी. इस टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे. टीम के मैनेजर रहे प्रोफेसर रत्नाकर शेटटी ने बताया था कि वो दौरा सिर्फ वाजपेयी जी के कारण ही संभव हो सका था. वो आपसी संबंध सुधारने के लिये क्रिकेट को जरिया बनाना चाहते थे और बीसीसीआई को सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही हमने टीम भेजी.

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधारने के लिए अटल जी की इस पहल का खूब विरोध हुआ था. शेट्टी ने बताया कि वह इस दौरे से पहले सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने भी पाकिस्तान गए थे और लौटकर उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि कराची और लाहौर में उनकी तस्वीरें लेकर लोग धन्यवाद के बैनर के साथ खडे़ थे. शेट्टी ने बताया कि वे मुतमुइन थे वाजपेयी जी के जिन्होंने आपसी क्रिकेट बहाल किया.

इसके बाद भारतीय टीम पाकिस्तान जाने को तैयार हुई और अटल बिहारी वाजपेयी टीम से मिले. टीम से मिलने के बाद उन्होंने कप्तान सौरव गांगुली समेत टीम को जो संदेश दिया वह आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है. उनके उस संदेश की आज भी काफी सराहना होती है. उन्होंने टीम से कहा था- ‘खेल ही नहीं, दिल भी जीतकर आइये.’ उनका यह संदेश भारतीय टीम अपने साथ लेकर गई थी और इसको बरकरार रखा था.

शेट्टी ने कहा, "उन्होंने सौरव को एक संदेश के साथ बल्ला दिया जिस पर लिखा था कि खेल ही नहीं दिल भी जीतिये, शुभकामनायें. इसके साथ ही जाने से पहले सौरव से कहा कि यह दौरा बहुत अहम है और मैच के साथ लोगों का दिल भी तुम लोगों को जीतना है."

यह बात मानों हर खिलाडी ने गांठ बांध ली और जमकर खेले. पाकिस्तान को वनडे सीरीज़ में 3-2 और टेस्ट में 2-1 से हराया. यही वो दौरा था जब वीरेंद्र सहवाग ने मुल्तान टेस्ट में 309 रन की पारी खेली और उनका नाम ही मुल्तान के सुल्तान पड़ गया. उन्होंने बताया, "टीम की रवानगी के दिन प्रधानमंत्री कार्यालय से संदेश आया कि प्रधानमंत्री टीम से मिलेंगे. हम सुबह उनके आवास पहुंचे और उन्होंने टीम के हर सदस्य से बात की. वहां नौसेना का बैंड बज रहा था जिस पर देशभक्ति के गीत चल रहे थे." उन्होंने बताया कि वाजपेयी ने टीम को विदाई से पहले एक गीत सुनने के लिये कहा और वह गीत था "हम होंगे कामयाब एक दिन."

First published: 17 August 2018, 10:57 IST
 
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