Home » इंडिया » Augusta Westland Case: Congress members uprorar over Swamy's statement
 

अगस्ता वेस्टलैंड मामला: स्वामी ने लिया सोनिया का नाम, संसद में संग्राम

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2016, 12:21 IST

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के मामले पर संसद में जबरदस्त हंगामा मचा. राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सांसदों ने शोरगुल किया. इस दौरान कांग्रेस सांसद वेल के पास पहुंच गए. जिसके बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

राज्यसभा में इस मामले पर चर्चा के लिए मनोनीत सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने नोटिस दिया था. जैसे ही स्वामी इस मामले पर बोलने के लिए खड़े हुए, कांग्रेस सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया.

पढ़ें:अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: बिचौलिए का बयान, किसी गांधी को नहीं जानता

स्वामी के बयान पर हंगामा


स्वामी ने जब अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम लिया, तो कांग्रेस के सांसद भड़क गए. इस दौरान जितनी बार भी स्वामी ने सोनिया गांधी का जिक्र किया, कांग्रेस सांसदों ने जमकर हंगामा मचाया.

कार्यवाही एक बार स्थगित होने के बाद जब दोबारा स्वामी बयान देने के लिए खड़े हुए तो कांग्रेस सांसदों का हंगामा नहीं थमा. जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

स्वामी ने आरोप लगाया कि इटली की अदालत में एक पत्र के जरिए सौदे के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल ने बताया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सौदे की मुख्य लाभार्थी हैं. जिस पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई.

कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बाद उपसभापति पीजे कुरियन ने कार्यवाही से कांग्रेस अध्यक्ष का नाम निकाल दिया. स्वामी ने नियम 267 के तहत दिए नोटिस के जरिए अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर रिश्वत मामले का मुद्दा उठाया.

पढ़ें:अगस्‍ता वेस्‍टलैंड घोटाला: जद में पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एसपी त्यागी और कांग्रेसी नेता

राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब यूपीए सरकार ने कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था, इसके बावजूद मोदी सरकार ने उसे काली सूची से हटाने का फैसला क्यों लिया ?

'इटली के पीएम से नहीं मिले मोदी'


आजाद ने इस दौरान कांग्रेस हाईकमान पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर एक अखबार की रिपोर्ट का भी हवाला दिया. आजाद ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली के पीएम के बीच मुलाकात हुई थी.

आजान ने एक अंग्रेजी अखबार की खबर का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में इटली के प्रधानमंत्री के साथ कोई बैठक की थी.

आजाद ने कहा कि अगर बैठक हुई थी तो क्या प्रधानमंत्री ने हेलीकॉप्टर सौदे में जानकारी हासिल करने के एवज में दो इतालवी मरीनों को रिहा करने की पेशकश की थी.

आजाद ने कहा कि अदालत का फैसला आ चुका है और अब केंद्र सरकार इतालवी मरीनों को स्वदेश जाने की इजाजत दे रही है. इसका साफ मतलब है कि कोई डील हुई है.

rajyasabha2

आजाद के बयान का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध किया. जिसके राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुलाम नबी आजाद के आरोपों पर सफाई दी.

अरुण जेटली ने सरकार की ओर से आजाद के सवाल का जवाब दिया. जेटली ने कहा, "भारत और इटली के प्रधानमंत्रियों के बीच मुलाकात की रिपोर्ट बिल्कुल गलत है."

rajyasabha

First published: 1 May 2016, 12:21 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी