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अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2019, 11:35 IST

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. पांच जजों की बेंच ने राम मंदिर के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, बेंच ने रामजन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन देने का फैसला किया है. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन दी जाए. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर रामजन्मभूमि न्यास का हक है. वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन किसी दूसरी जगह देने का आदेश दिया है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ASI रिपोर्ट के आधार पर फैसले में कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की भी पुख्ता जानकारी नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि तीन महीने के अंदर राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाया जाए. कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि मंदिर से जुड़े नियम बनाएं. कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन का फैसला कानूनी आधार पर लिया गया है.

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन तक सुनवाई चली थी. हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पांच जजों की संविधान पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया

इससे पहले साल 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस पर अपना फैसला सुनाया था. अपने आदेश में अदालत ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटा था. इसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और तीसरा निर्मोही अखाड़े को देने को कहा गया था. 

हालांकि 9 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लग गया. इसके बाद 21 मार्च 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि हिंदू और मुस्लिम पक्ष बातचीत के जरिए मामले को सुलझाएं. अगर रास्ता नहीं निकलता है तो फिर अदालत मध्यस्थता के लिए तैयार है.

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First published: 9 November 2019, 11:21 IST
 
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