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अयोध्या: पारिजात के पौधे की क्यों हो रही इतनी चर्चा, क्या है इसका महत्व, PM मोदी ने राम मंदिर में लगाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2020, 15:39 IST

Ayodhya: अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य राम मंदिर के लिए भूमि पूजन समारोह संपन्न हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के मंदिर की आधारशिला रखी. इससे पहले पीएम मोदी ने राम मंदिर परिसर में एक पारिजात का पौधा लगाया. सोशल मीडिया पर इस पौधे की काफी चर्चा हो रही है.

पुराणों में बताया गया है कि पारिजात वृक्ष को देवराज इंद्र ने स्वर्ग में लगाया था. पारिजात के फूल सफेद रंग के छोटे-छोटे होते हैं. इसके फूल रात में खिलते हैं तथा सुबह होते ही पेड़ से स्वत: झड़ जाते हैं. पश्चिम बंगाल का यह राजकीय पुष्प है. इस पेड़ को लेकर हिन्दू धर्म में कई मान्यताएं हैं. बताया जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अत्यंत प्रिय हैं. 

इस पेड़ के बारे में कहा जाता है कि कृष्ण भगवान इसे स्वर्ग से धरती पर लाए थे और द्वारका में लगाया था. अर्जुन इस पेड़ को पूरा का पूरा पारिजात द्वारका से उठा ले गए थे. पारिजात हिमालय की तराई में ज्यादा संख्या में मिलते हैं. इसके फूल, पत्तों तथा तने की छाल से औषधि का निर्माण होता है.

यह वृक्ष 10 से 30 फीट तक की ऊंचाई वाला होता है. हिंदू धर्म में मान्यता है कि पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को इसके फूल चढ़ाने से वो काफी प्रसन्न होती हैं. इसकी सबसे खास बात ये है कि पूजा-पाठ में पारिजात के वही फूल इस्तेमाल में लाए जाते हैं जो पेड़ से टूटकर गिर जाते हैं. 

शुभ मुहूर्त में PM मोदी ने रखी आधारशिला

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विधि-विधान से राम मंदिर का भूमि पूजन किया. इसके साथ ही देश के इतिहास में 5 अगस्त का दिन अमर हो गया. पीएम ने भूमि पूजन की सभी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद शुभ मुहूर्त में मंदिर की आधारशिला रखी. ठीक 12.44.08 बजे पीएम मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रखी. 

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First published: 5 August 2020, 15:32 IST
 
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