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हजारों साल तक खड़ा रहेगा राम मंदिर, कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी भूकंप या कोई प्राकृतिक आपदा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2020, 14:03 IST

Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मंजूरी मिलने के बाद 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमिपूजन का कार्यक्रम किया. इसके बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके बाद लोगों के मन में सवाल है कि राम मंदिर का निर्माण आखिर कितने समय में हो जाएगा. इसके अलावा राम मंदिर कितना मजबूत होगा?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अपने एक ट्वीट में इसका जवाब दिया है. ट्रस्ट ने बताया कि राम मं न्दिर के निर्माण कार्य में लगभग 36-40 महीने का समय लगेगा. इसके अलावा राम मंदिर इतना मजबूत होगा कि यह हजारों साल तक मजबूती से अपनी जगह पर खड़ा रहेगा. यहां तक कि भूकंप अथवा कोई भी प्राकृतिक आपदा इसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बताया कि राम मन्दिर निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है. CBRI रुड़की तथा IIT मद्रास के साथ मिलकर L&T कंपनी इसके निर्माण कार्य में लग गई है. कंपनी के अभियंता इस जगह की मिट्टी परीक्षण के कार्य में लगे हुए हैं. 

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जानकारी दी कि राम मन्दिर का निर्माण भारत की प्राचीन निर्माण पद्धति से किया जा रहा है. इससे यह हजारों सालों तक अपनी जगह पर खड़ा रहेगा. ट्रस्ट ने बताया कि राम मंदिर पर भूकम्प, झंझावात अथवा किसी भी प्रकार के प्राकृतिक आपदा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सबसे खास बात यह है कि इस मन्दिर के निर्माण में लोहे का एक रत्ती भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है.

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने विश्व हिंदू परिषद मुख्यालय में बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की थी. इसमें उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में लाखों पत्थरों का उपयोग होगा. इन पत्थरों की आयु के हिसाब से ही मंदिर की आयु का आकलन किया गया है. मंदिर निर्माण के लिए कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने सबसे योग्यतम लोगों को अपने साथ जोड़ा है.

उन्होंने बताया किमिट्टी की ताकत मापने के लिए कंपनी ने आईआईटी चेन्नई की सलाह ली है. मंदिर निर्माण की जगह 60 मीटर गहराई तक की मिट्टी जांची गई है. अगर यहां भूकंप आएगा भी तो यहां की जमीन की मिट्टी उन तरंगों को झेल जाएगी. उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में एक ग्राम भी लोहे का प्रयोग नहीं होगा.

चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर का एरिया करीब तीन एकड़ का होगा. इसके लिए 10,000 तांबे की पत्तियां व रॉड की जरूरत होगी. उन्होंने राम भक्तों से अपील की है कि इसके लिए दानियों को आगे आने की जरूरत है. चंपत राय ने बताया कि अभी हर साल दो करोड़ लोग अयोध्या दर्शन करने आते हैं. मंदिर बन जाने के बाद आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा. सरकार बस, रेल, हवाई सेवा जैसी सुविधाएं बढ़ाने के बारे में सोच रही है.

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First published: 20 August 2020, 13:58 IST
 
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