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राम मंदिर निर्माण से पहले शुरू हुआ तकरार, ट्रस्ट पर आमने-सामने संत समाज और मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2020, 14:15 IST

Ram Mandir Trust in Ayodhya: अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने से पहले ट्रस्ट को लेकर संत समाज के लोग और सरकार आमने-सामने आ गई है. राम मंदिर निर्माण से पहले बनाए गए राम मंदिर ट्रस्ट पर बवाल शुरू हो गया है. दरअसल, श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पुराने लोगों को शामिल ना करने की बात कहकर राम जन्मभूमि से जुड़े महंत नाराज हो गए हैं.

इसके खिलाफ संत समाज के लोगों ने आवाज उठाने की बात कही है. संत समाज के लोगों ने सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया. दिगम्बर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने इस बाबत सं तो का बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में कोई बड़ा फैसला लिया जाने वाला है.

ट्रस्ट को लेकर नाराज महंत सुरेश दास ने कहा कि मोदी सरकार ने हम संतो का अपमान किया है. उन्होंने बताया कि इस वजह से संतों ने एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में सारे संत महंत शामिल होंगे. इसे लेकर पूरे देश के संत फोन कर रहे हैं. बैठक में हम आगे की कार्यवाही पर विचार करेंगे. जरूरत हुई तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा.

इसके आगे उन्होंने कहा कि खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि राम मंदिर ट्रस्ट में नृत्य गोपाल दास शामिल होंगे. हालांंकि दूसरी तरफ प्रयागराज में अधिकतर संत इस बात से खुश हैं कि सरकार ने कमेटी में ऐसे लोगों को रखा है, जिनका सियासत से कोई नाता नहीं है. लेकिन नृत्य गोपाल दास को शामिल नहीं किए जाने पर संतो ने कहा कि उन्हें होना चाहिए था.

इसे लेकर अयोध्या की तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं. यहां तक कि उन्होंने अन्न-जल भी त्याग दिया है. महंत परमहंस दास RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत को मंदिर ट्रस्ट का संरक्षक और परमाध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं. महंत परमहंस दास का कहना है कि संघ प्रमुख को जब तक ट्रस्ट का संरक्षक नहीं बनाया जाएगा, वह अनशन पर बैठे रहेंगे.

महंत परमहंस दास ने कहा कि मंदिर निर्माण के संघर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बहुत ही अहम योगदान रहा है. इस कारण संघ प्रमुख को राम मंदिर ट्रस्ट का संरक्षक बनाया जाना चाहिए. बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में सुप्रीम कोर्ट में रामलला की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण, जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का शामिल है.

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First published: 6 February 2020, 14:10 IST
 
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