Home » इंडिया » Ayodhya Verdict Muslim petitioner not Happy with Supreme Court Judgement
 

Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं सुन्नी वक्फ बोर्ड, कर सकते हैं रिव्यू पिटीशन दाखिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2019, 12:37 IST

साल 2010 से सुप्रीम कोर्ट में लटके अयोध्या राम जन्म भूमि विवाद पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले ने सरकार को आदेश दिया है कि सरकार मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन अयोध्या में ही दी जाए. कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन पर सिर्फ राम जन्म भूमि न्यास को अधिकार दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को माना कि एएसआई इस बात को साबित करने में विफल रहा जिसमें कहा गया है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करें लेकिन फैसला संतोषजनक नहीं है. हालांकि उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कोर्ट के फैसले के कारण कहीं भी किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन नहीं होना चाहिए. साथ ही उन्होंने इस बात को कहा कि यदि हमारी समिति इस पर सहमत होती है तो हम एक समीक्षा याचिका दायर करेंगे. यह हमारा अधिकार है और यह सर्वोच्च न्यायालय के नियमों में भी है.

उन्होंने आगे कहा,'कोर्ट का फैसला देश में सामाजिक सौहार्द बानाए रखने के पक्ष में हैं. कोर्ट ने जो ऑब्जरवेशन दिए हैं उनमें से कुछ प्वाइंट से हम सहमत नहीं है.' जफरयाब जिलानी ने कहा,'हमें न बराबरी मिली और न ही न्याय. फैसले पर असहमति जताना हमारा अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट भी कभी-कभी गलत हो सकता है. कोर्ट ने पहले भी अपने फैसलों पर पुनर्विचार किया है.'

Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या होगा?

First published: 9 November 2019, 12:34 IST
 
अगली कहानी