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अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, हिंदुओं का दावा मुसलमानों की तुलना में बेहतर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 November 2019, 10:35 IST

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए विवादित भूमि को रामजन्मभूमि न्यास को दे दिया. इसके अलावा मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया. इस दौरान फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित भूमि पर हिंदुओं का दावा मुसलमानों द्वारा पेश किए सबूतों की तुलना में बेहतर पर है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने के लिए एक ट्रस्ट की स्थापना का निर्देश दिया. पांच जजों की बेंच ने मुसलमानों को संभावित संतुलन के आधार पर भूमि का आवंटन आवश्यक माना. फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संतुलन का भी ध्यान रखा.

जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 1857 के समय बाहरी आंगन में हिंदुओं द्वारा पूजा करने के स्पष्ट प्रमाण भी देखे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "मुसलमानों ने कोई सबूत नहीं दिया है कि सोलहवीं शताब्दी में निर्माण की तारीख से 1857 से पहले तक यह आंतरिक संरचना (भगवान राम की जन्मभूमि) उनके कब्जे में थी."

मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए अदालत ने संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया.

सुप्रीम कोर्ट ने देखा कि मुस्लिम समुदाय को उनकी पूजा स्थल के अवैध विध्वंस के लिए पुनर्स्थापन प्रदान करना आवश्यक है. इसके लिए कोर्ट ने पांच एकड़ भूमि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने का निर्देश दिया. यह जमीन केंद्र या राज्य सरकार में से कोई विकल्प के तौर पर प्रदान करेगी.

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First published: 10 November 2019, 10:10 IST
 
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