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राम मंदिर आंदोलन में इन नेताओं ने खपा दिया अपना जीवन, जानिए कौन हैं वो नाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 November 2019, 11:24 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या का ऐतिहासिक फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन हिंदुओं को सौंप दी. राम मंदिर हिंदुओं के लिए धार्मिक आस्था का विषय था. इसके लिए कई नेताओं ने लंबी लड़ाई लड़ी. इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कई दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कारसेवक भी शामिल रहे.

इन लोगों ने साल 1992 में अयोध्या में 16वीं सदी में बने विवादित ढांचे को गिराने में अहम भूमिका निभाई. साल 1980 के दशक में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग बढ़ी थी, इसके बाद वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने साल 1990 में देशव्यापी रथ यात्रा का आयोजन किया. साल 1992 में भाजपा, विहिप और आरएसएस ने अयोध्या में एक बड़ी रैली की. इसके बाद 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दिया गया.

आपको बताते हैं कुछ ऐसे नाम, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन लगा दिया.

लाल कृष्ण आडवाणी- आडवाणी ने साल 1990 में गुजरात के सोमनाथ से रथयात्रा शुरू की. इस रथ यात्रा का समापन अयोध्या में होना था. आडवाणी की रथयात्रा ने देश भर में लोकप्रियता हासिल की. जहां भी वह पहुंचे, उनका हर स्थान पर जोरदार स्वागत किया गया. रथ यात्रा से राम मंदिर के निर्माण की मांग को काफी बल मिला.

मुरली मनोहर जोशी- आडवाणी की तरह मुरली मनोहर जोशी ने साल 1991 में भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला था. इसके बाद उन्होंने मंदिर के लिए हो रहे आंदोलन में एक बड़ी भूमिका निभाई. जोशी पर आरोप है कि वह छह दिसंबर को आरएसएस के अन्य नेताओं के साथ मंच पर थे. उन पर बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.

 

कल्याण सिंह- बाबरी मस्जिद के ढांचे को जब हजारों कारसेवकों ने ध्वस्त कर दिया गया था तब कल्याण सिंह ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. मस्जिद विध्वंस के बाद उन्होंने छह दिसंबर की शाम को पद से इस्तीफा दे दिया था. 

उमा भारती- उमा भारती भी छह दिसंबर को अयोध्या में मौजूद बड़े नेताओं में से एक थीं. भारती पर सांप्रदायिक भाषण देने और हिंसा भड़काने का आरोप है. सीबीआई की जांच में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में उन पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है.

अशोक सिंघल- अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष के रूप में साल 1984 से अयोध्या में राम मंदिर की मांग की. सिंघल को राम मंदिर आंदोलन के वास्तुकारों में से एक माना जाता है. उन्होंने साल 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस का नेतृत्व भी किया था.

विजया राजे सिंधिया- भाजपा की वरिष्ठ नेता और ग्वालियर की राजमाता विजया राजे सिंधिया छह दिसंबर को भाजपा, आरएसएस और विहिप नेताओं के साथ अयोध्या की रैली में मौजूद थीं. 

बाल ठाकरे- बाल ठाकरे बाबरी मस्जिद के विध्वंस के स्थल पर हालांकि मौजूद नहीं रहे, लेकिन माना जाता है कि वह ढांचे को गिराने की साजिश रचने का हिस्सा रहे थे. मस्जिद के विध्वंस के बाद ठाकरे ने दावा किया था कि उनके संगठन ने मस्जिद गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

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First published: 10 November 2019, 11:10 IST
 
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