Home » इंडिया » Balakot Air Strike: Air Marshal C Harikumar told why the mission was on 26 february 2019
 

बालाकोट एयरस्ट्राइक: 26 फरवरी को क्यों किया गया था पाक आतंकियों पर हमला, चीफ ने किया खुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 September 2019, 11:20 IST

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को CRPF काफिले पर आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने हमले का बदला लेते हुए 26 फरवरी को पाकिस्तान स्थित जैश के आतंकी संगठनों पर एयर स्ट्राइक की थी. इस एयर स्ट्राइक में 200 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई थी.

अब पुलवामा एयर स्ट्राइक के चीफ ने खुलासा किया है कि क्यों भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले के 13वें दिन यानि 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक की थी. बालाकोट एयर स्ट्राइक मिशन के चीफ रहे एयर मार्शल सी. हरि कुमार ने इस हमले के बारे में खुलासा किया है. एक निजी अखबार से बात करते हुए उन्होंने बताया कि हमले के दो दिन बाद वह रिटायर हो गए थे.

मिशन वाली रात उनका जन्मदिन था और उन्होंने 12 बजे रात घर पर जाकर बर्थडे का केक काटा था, जिससे किसी को शक न हो. उन्होंने बताया, "उसी रात मेरा जन्मदिन था. रात 12 बजे घर से मैसेज आया कि दोस्त केक लेकर जन्मदिन मनाने पहुंचे हैं. किसी को मिशन का शक न हो, इसलिए मैं घर गया, केक काटा और कंट्रोल रूम आ गया."

उन्होंने बताया कि एयरस्ट्राइक की जानकारी हमें सात दिन पहले दे दी गई थी. इसके लिए 25-26 फरवरी की रात तय हुई थी. उन्होंने बताया, "दिल्ली के इंडिया गेट पर आकाश मेस की उस शाम की याद मेरे जेहन में हमेशा रहेगी. उसी रात 12 बजे के बाद मेरा जन्मदिन था. रिटायरमेंट पार्टी पहले से तय थी, इसलिए मिशन की सीक्रेसी बनाए रखने के लिए उसे कैंसल नहीं किया."

चीफ ने बताया, "मैंने वेटर को बुलाया और उसके कान में कहा कि मुझे लाइम कोर्डियल (जूस और चीनी से बनी नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक) की डबल डोज देना. इसके साथ पानी देना, जिससे वह व्हिस्की के रंग का दिखाई दे. इस पार्टी में 80 अफसर थे. पार्टी के दौरान एयरचीफ मार्शन बीएस धनोआ मुझे लॉन की तरफ ले गए. उन्होंने मुझसे आखिरी तैयारी के बारे में पूछा. उन्होंने कहा था कि जब ऑपरेशन हो जाए तो फोन पर सिर्फ ‘बंदर’ बोल देना."

उन्होंने बताया, "हम ऐसे समय पर हमला करना चाहते थे, जब सारे आतंकी एक जगह जमा हों. रात के समय ऐसा हो सकता था. नमाज से पहले सुबह चार बजे आतंकी ठिकानों पर हलचल शुरू हो जाती है. इससे एक घंटे पहले वो अपने बेड पर होते हैं. उस समय भारत में साढ़े तीन बज रहे होंगे और पाकिस्तान में तीन."

उन्होंने बताया, "उस रात चांद अलग ही दिख रहा था. 19 फरवरी को पूर्णमासी थी और मिशन के दिन यानि 26 फरवरी को सुबह 3 से 4 बजे तक चांद क्षितिज से 30 डिग्री पर होना था. ऐसे में चांदनी एकदम आदर्श थी. मिशन की रात मौसम की पश्चिमी हलचलों का असर कम था. सटीक बमबारी के लिए हवाएं हमारे अनुकूल थी."

कश्मीर पर पाकिस्तानियों की बौखलाहट नहीं हो रही है कम, लंदन में भारतीय उच्चायोग पर फेंके अंडे और पत्थर

'भूमाफिया' आजम खान के समर्थन में आए मुलायम सिंह यादव, योगी सरकार पर साधा निशाना

First published: 4 September 2019, 11:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी