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कावेरी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बेंगलुरु में सर्वदलीय बैठक

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एएनआई)

कावेरी जल बंटवारे पर मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सर्वदलीय बैठक चल रही है. राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही है.

इस बैठक में तमिलनाडु को कावेरी का पानी देने के बाद उत्पन्न ताजा हालात पर चर्चा हो रही है. गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा के प्रस्ताव को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया था कि अगले तीन दिन तक तमिलनाडु को कावेरी का पानी मुहैया कराया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अगली सुनवाई से पहले रोजाना छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का कर्नाटक को आदेश दिया है. हालांकि कर्नाटक पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कह चुका है कि अभी वह पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है. मांड्या में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद मंगलवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था.

एएनआई

कावेरी विवाद में क्या-क्या हुआ?

सर्वोच्च अदालत ने कर्नाटक सरकार को आदेश दिया है कि वो अगले तीन दिन के लिए तमिलनाडु को कावेरी नदी का हजार क्यूसेक पानी रोज मुहैया कराए.

इससे पहले कर्नाटक ने हाथ खड़े करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वो पानी नहीं दे सकता, लिहाजा अदालत को अपने आदेश में बदलाव करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश के बाद कर्नाटक को फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तमिलनाडु को तीन दिन के लिए रोजाना 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाए. इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. 

विधानसभा में प्रस्ताव पारित

कावेरी जल विवाद पर तीन दिन पहले कर्नाटक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था. इस दौरान एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि पानी का उपयोग सिर्फ पेयजल की जरूरतों के लिए होगा और इसे किसी दूसरे मकसद के लिए नहीं दिया जाएगा.

सदन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने जवाब में कहा था, "यह असंभव परिस्थि‍ति पैदा हो गई है, जहां अदालती आदेश का पालन संभव नहीं है."

सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते पहले ही कर्नाटक को 27 सितंबर तक रोजाना 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था. कावेरी निरीक्षण कमेटी ने पहले तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश जारी किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाकर दोगुना कर दिया.

कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन का आदेश

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपक मिश्र और जस्टिस उदय उमेश ललित की पीठ ने केंद्र सरकार को चार हफ्ते के अंदर कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने और इसके गठित हो जाने की अधिसूचना के साथ अदालत को जानकारी देने का निर्देश दिया था.

कर्नाटक में इसी महीने कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.

First published: 28 September 2016, 10:32 IST
 
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