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नोटबंदी: तीन दिन से लगातार काम कर रहे बैंक मैनेजर की हार्ट अटैक से मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST

नोटबंदी के बाद लगातार काम कर रहे रोहतक में एक बैंक मैनेजेर की मौत हो गई है. शुगर मिल कॉलोनी स्थित कोऑपरेटिव बैंक प्रबंधक राजेश कुमार 3 दिन से घर नहीं गए थे. वे देर रात तक काम निपटाकर बैंक में ही सो जाते थे और बुधवार को उनकी मौत हो गई. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को भी ज्यादा काम की वजह से वह बैंक में ही सो गए थे और बुधवार की सुबह उठ नहीं सके. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो वह मृत मिले. उनके निधन पर बैंक में बुधवार को पूरा दिन काम नहीं हुआ. 

मूलरूप से हसनगढ़ निवासी 57 वर्षीय राजेश कुमार कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर थे. बैंक कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना सुबह जल्दी बैंक खोलने के निर्देश हैं. बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कंप्यूटर ऑपरेटर हितेष चाय विक्रेता सुनील बैंक आए थे. उन्होंने मैनेजर राजेश चंद्र का कमरा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने जब ताला तोड़ा तो वे मृत मिले.

कर्मचारियों ने बताया कि वे दिल के मरीज थे, दवा ले रहे थे. वर्कलोड के कारण वे काम के बाद बैंक में सोते थे. उनका परिवार गुड़गांव में रहता है. उनके परिवार में दो बेटियां एक बेटा है. पुलिस का बैंक मैनेजर की मौत हृदय गति रुकने से हुई है. 

First published: 17 November 2016, 5:33 IST
 
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