Home » इंडिया » Banning of Sale of Junk Food and Advertisement in Canteen 50 meters radius of school campus
 

स्कूल परिसर और उसकेे आसपास की कैंटीन में जंक फूड की बिक्री पर लगी पाबंदी, विज्ञापन भी बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 September 2020, 13:55 IST

अगर आप स्कूल (School) में पढ़ते है और अपने दोस्तों के साथ स्कूल की कैंटीन (Canteen) या उसके आसपास की कैंटीन में जंक फूड (Junk Food) खाना पसंद करते हैं तो आपको धक्का लग सकता है, क्योंकि अब स्कूलों की कैंटीन या उसके आसपास की कैंटीन में आपको जंक फूड खाने को नहीं मिलेगा. दरअसल, खाद्य नियामक भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूल परिसरों के 50 मीटर के दायरे और स्कूलों की कैंटीन के अंदर जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है. यही नहीं इन कैंटीनों के अंदर जंक फूड का विज्ञापन भी बैन कर दिया गया है.

एफएसएसएआई ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी. एफएसएसएआई ने इसे बच्चों के लिए सुरक्षित और पोषण खाद्य को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया है. खाद्य नियामक ने अपने एक बयान में कहा है कि हितधारकों से चर्चा करने के बाद खाद्य संरक्षा और मानक (स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित खाना और स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन) नियम-2020 को अधिसूचित कर दिया गया है. साथ ही इसे अधिसूचित करने से पहले सभी हितधारकों को पर्याप्त समय दिया जा चुका है. इसी के साथ एफएसएसएआई ने राज्यों के स्कूली शिक्षा विभागों और खाद्य प्राधिकरणों को बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं.


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अधिसूचना के मुताबिक जिन खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा, ट्रांस वसा, चीनी और नमक की अधिक मात्रा होगी उन्हें स्कूली परिसरों के 50 मीटर के दायरे या स्कूल की कैंटीन, छात्रावासों की कैंटीन में बेचने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा इस तरह की खाद्य सामग्री का निर्माण करने वाली कंपनियों को भी स्कूल के 50 मीटर के दायरे और कैंटीन इत्यादि में विज्ञापन करने की इजाजत नहीं होगी.

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इसमें ब्रांड का नाम, लोगो, पोस्टर, बच्चों की किताब-कॉपी के कवर इत्यादि पर होने वाला विज्ञापन भी शामिल है. स्कूल प्रशासन को भी इस तरह के खाद्य पदार्थों की सामग्री नहीं बेचने के बोर्ड अंग्रेजी और एक भारतीय भाषा में स्कूल परिसर के भीतर और स्कूल के प्रवेश द्वार एवं अन्य प्रवेश द्वारों के बाहर भी लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

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First published: 9 September 2020, 13:55 IST
 
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