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बारामूला हमला: अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हुए सभी आतंकी, बीएसएफ जवान शहीद

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 October 2016, 11:50 IST
(एएनआई)

उत्तरी कश्मीर के बारामूला में सेना के कैंप पर हमला करने वाले आतंकी फरार होने में कामयाब हो गए हैं. पहले यह खबर आई थी कि एनकाउंटर के दौरान दो आतंकी मारे गए, लेकिन ताजा अपडेट के मुताबिक अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी बच निकलने में कामयाब रहे.

एलओसी पार सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के महज चार दिन बाद बारामूला में रविवार रात आतंकियों ने राष्ट्रीय राइफल्स और बीएसएफ के कैंप को निशाना बनाया था. हमले में बीएसफ का एक जवान शहीद हो गया.

24 साल के शहीद जवान का नाम नितिन है और वह उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का रहने वाला था. आतंकियों की फायरिंग में एक और जवान घायल हो गया.

बीएसएफ के आईजी (कश्मीर) विकास चंद्रा ने बताया कि आतंकियों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद वे भाग गए.

नागरिकों को नुकसान का था खतरा

सेना के मुताबिक हमले के बाद चलाया गया सर्च ऑपरेशन अभी बंद कर दिया गया है. हालात अभी काबू में हैं. वहीं बारामूला के एसएसपी इम्तियाज हुसैन का कहना है, "यह एक नागरिक इलाका है, लिहाजा आतंकियों ने लोगों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया. इस वजह से हम उन्हें माकूल जवाब नहीं दे सके और वे फरार होने में कामयाब रहे."

एसएसपी का कहना है, "कुछ देर के लिए दोनों तरफ से फायरिंग हुई. आतंकी कैंप में घुसने में सफल नहीं हो पाए. सर्च ऑपरेशन फिलहाल खत्म कर दिया गया है."

आतंकियों के भाग निकलने की बात करते हुए एसएसपी इम्तियाज हुसैन ने कहा, "रात होने की वजह से गहरा अंधेरा था. इसके अलावा नागरिकों को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रभावी तरीके से जवीबी कार्रवाई नहीं हो सकी."

आतंकियों के मौके से भाग निकलने पर जब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हमारे जवान किसी भी हालात से निपटने में सक्षम हैं."

इस बीच खबर है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है. वहीं रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए हैं.

राष्ट्रीय राइफल्स का कैंप निशाने पर

अधिकारियों ने बताया कि पास के बीएसएफ शिविर से 46 राष्ट्रीय राइफल्स कैंप पर आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और ग्रेनेड फेंके. जिसमें बीएसएफ के दो जवान घायल हो गए. उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान नितिन नाम के जवान की मौत हो गई.

श्रीनगर स्थित पंद्रहवीं कोर के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि बारामूला के जांबाजपोरा में आतंकियों ने सैन्य शिविर पर गोलियां चलाईं. करीब 54 किलोमीटर दूर बारामूला के आसमान में सेना ने आतंकवादियों की स्थिति का पता लगाने के लिए रोशनी करने वाली फायरिंग की.

18 सितंबर को उरी के ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हो चुके हैं. जवाबी कार्रवाई में चार आतंकियों को मार गिराया गया था. वहीं इस हमले के दस दिन बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार करके सर्जिकल स्ट्राइक में सात आतंकी शिविरों को तबाह करने का दावा किया था.

एएनआई
First published: 3 October 2016, 11:50 IST
 
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