Home » इंडिया » Beef politics & cow university: Hindutva juggernaut on a roll in Khattar's Haryana
 

हरियाणाः हिन्दुत्व के रंग में रंगने को लालायित एक राज्य

राजीव खन्ना | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
QUICK PILL
  • हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार और विवादों का गहरा नाता है क्योंकि राज्य सरकार सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को हिन्दुत्व का रंग देने में जुटी है. 
  • सरकार की यह आदत इस कदर बढ़ गई है कि लोगों ने रोजमर्रा का हिस्सा हो चुकी इन बातों पर प्रतिक्रिया देना ही छोड़ दिया है. पिछले दिनों भी कुछ ऐसी ही घटनाएं हुई, जिन्हें नजरंदाज नहीं किया जा सकता.
  • हरियाणा गौसेवा आयोग ने गौवंश पर अनुसंधान के लिए एक यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसी बात पर राज्य में हिन्दुत्व ब्रिगेड का महिमामंडन किया जा रहा है, जिसका अंत होता नजर नहीं आ रहा.

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार और विवादों का गहरा नाता है क्योंकि राज्य सरकार सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को हिन्दुत्व का रंग देने में जुटी है. सरकार की यह आदत इस कदर बढ़ गई है कि लोगों ने रोजमर्रा का हिस्सा हो चुकी इन बातों पर प्रतिक्रिया देना ही छोड़ दिया है. पिछले दिनों भी कुछ ऐसी ही घटनाएं हुई, जिन्हें नजरंदाज नहीं किया जा सकता.

शुरूआत करते हैं हरियाणा गौसेवा आयोग से, जो कि अब बदनाम हो चुका है. आयोग ने गौवंश पर अनुसंधान के लिए एक यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसी बात पर राज्य में हिन्दुत्व ब्रिगेड का महिमामंडन किया जा रहा है, जिसका अंत होता नजर नहीं आ रहा.

रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय में इस पालतू पशु, इसके दूध, गोमूत्र और गोबर पर गहन अध्ययन किया जाएगा.

हाल ही में यह आयोग उस वक्त सुर्खियों में था, जब इसने मुस्लिम बहुल इलाके मेवात से बिरयानी के कुछ नमूने एकत्र कर इस बात की जांच करनी शुरू की थी कि कहीं इसमें बीफ का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा. यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी 500 एकड़ जमीन पर बनाने का विचार है. आयोग चाहता है कि कोई गांव इसके लिए जमीन दान कर दे.

इसके बाद बारी आती है हरियाणा की स्वर्ण जयंती के लिए प्रस्तावित लोगो निर्माण की. शनिवार को मुख्यमंत्री खट्टर ने गुड़गांव में यह लोगो जारी किया. राज्य में स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा. पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस अवसर पर भी हिन्दुत्व राग अलापा जाएगा.

केंद्र और राज्य दोनों ही जगह भाजपा की सरकार होने और पूर्व प्रचारकों द्वारा उनका नेतृत्व किए जाने के कारण माना जा रहा है कि यह हिन्दुओं का शो होगा. हरियाणा राज्य की स्वर्ण जयंती के साथ ही यह अवसर खट्टर सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का भी है.

हरियाणा राज्य की स्वर्ण जयंती के साथ ही यह अवसर खट्टर सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का भी है.

लोगो सुनहरी पृष्ठभूमि में एक सफेद शंख के साथ बना है. श्रीकृष्ण का चित्र, दाएं ओर एक तीर और राज्य का नक्शा दर्शाता 50 का अंक दिखाया गया है. राज्य सरकार द्वारा जारी एक पुस्तिका में कथित तौर पर स्पष्ट किया गया है कि ‘लोगो में दिखाई दे रहा चित्रों का कोलाज हरियाणा के समाज का दर्पण है और स्वर्ण जयंती समारोह की भावना का प्रतीक है.’

खट्टर कहते हैं ‘हरियाणा को कृष्ण की, कुरुक्षेत्र की धरती माना जाता है. हर राज्य की कुछ न कुछ विशिष्टता होती है, जिसे सामने लाया जाना चाहिए, और हम हरियाणा की विशिष्टता सामने लाए हैं.’

साल भर चलने वाले स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों की अगुवाई स्वर्ण जयंती रथ यात्रा द्वारा की जाएगी. यात्रा में संस्कृति, विरासत, इतिहास, राज्य की प्रगति और विकास संबंधी झांकियां दिखाई जाएंगी. यात्रा एक जिला मुख्यालय से दूसरे जिला मुख्यालय तक विभिन्न गांवों और कस्बों से हो कर गुजरेगी.

हरियाणा के लोगों के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने के अलावा इन झांकियों में करीब 100-200 कलाकार प्रस्तुति भी देंगे और जहां-जहां से यात्रा गुजरेगी एक उत्सव का माहौल होगा.

गत माह राज्य सरकार ने स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 चलाई थी, जिसके तहत राज्य से सिख धर्म स्थलों हजूर साहिब गुरुद्वारा (नांदेड़ साहिब), ननकाना साहिब, हेमकुंट साहिब और पटना साहिब जाने वाले तीर्थ यात्रियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी.

हरियाणा गौसेवा आयोग ने गौवंश पर अनुसंधान के लिए एक यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा है.

पर्यटन मंत्री रामविलास शर्मा ने कहा कि योजना के तहत 6,000 रूपए प्रति व्यक्ति या यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत जो भी कम होगा, वह दिया जाएगा. हरियाणावासी 50 तीर्थ यात्रियों को यह सहायता दी जाएगी.

कुरूक्षेत्र के निवासियों ने भी इस बात का संकेत दिया कि कुरूक्षेत्र हिन्दुत्व का प्रतीक बन गया है. जनसंघर्ष मंच, हरियाणा से जुड़ी कविता विद्रोही ने कैच न्यूज को बताया, ‘लोग कहते हैं कि यहां मकानों, स्कूलों को ‘गुलाबी’ रंग में रंग में रंग रहे हैं और असलियत में यह रंग भगवा है. पूरे कस्बे में गोरक्षा के पोस्टर लगे हुए हैं, जिन पर लिखा है- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाना चाहिए. इसी प्रकार पिछले कुछ माह से यहां शाकाहार संबंधी पोस्टर भी बड़ी संख्या में दिखाई दे रहे हैं. इन पर लिखा है, ‘आगे समय विनाशकारी है, रहेगा वही जो शाकाहारी है.’

उन्होेंने बताया हर साल होने वाला प्रमुख वार्षिक आयोजन गीता जयंती समारोह भी भगवा रंग में रंग चुका है और इस वर्ष इसके और अधिक भगवा रंग में रंगने की उम्मीद है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस समारोह में भाग लेने आने की उम्मीद है.

पर्यवेक्षकों ने इस बात पर भी अचरज जताया कि इस साल जन्माष्टमी के त्यौहार को भी हिन्दू संगठनों ने राष्ट्रवादी रंग दे दिया. इस दिन गौ-भक्ति और ‘भारत माता की जय’ के नारे जमकर लग रहे थे.

बिरयानी स्टाल पर छापों के अलावा पिछले दिनो खट्टर सरकार इसबात के लिए भी विवाद में थी कि उन्होंने मेवात में दो बहनों केसाथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और दोहरे हत्याकांड के मामले को खारिज कर दिया था. कथित तौर पर उन्होंने कहा ये छोटे-छोटे मामले हैं, जो देश में कहीं भी घटित हो सकते हैं. वे स्वर्ण जयंती समारोह की चर्चा पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे.

कमजोर विपक्ष

यद्यपि विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) और कांग्रेस भाजपा राज में हिन्दुत्ववादी संगठनों के इन प्रयासों की आलोचना करते रहते हैं लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सघन प्रयास करता नजर नहीं आया. इससे भाजपा को नित नए प्रयोग करने का पर्याप्त समय और मौका मिल रहा है.

आईएनएलडी अपने संस्थापक चौधरी देवीलाल की 103वीं जयंती मनाने की तैयारियों में व्यस्त है. 25 सितम्बर को करनाल में इसका आयोजन किया जाएगा. पार्टी नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा, भाजपा सार्वजनिक मंचों और मीडिया में जनहित की बातें करती है लेकिन इसकी मंशा दरअसल समाज को बांटने और सामाजिक ढांचे को तोड़ने की है.

कांग्रेस नेता कृष्णमूर्ति हुड्डा ने कहा, ‘हमारे नेता, खास तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा जमीनी स्तर पर भाजपा का सच कई बार जनता के सामने उजागर कर चुके हैं. यह खट्टर सरकार की लोगों का ध्यान असल मुद्दे से हटाने की राजनीति है. भले ही वह किसानों का मसला हो, छात्रोें का या बेरोजगारी का. उन्होेंने चुनाव पूर्व किए गए 153 वादों में से एक भी पूरा नहीं किया. मैं यह आश्वासन देता हूं कि हमारे रहते अब भाजपा दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी.'

परन्तु फिलहाल लगता है हिन्दूवादी ताकतों को हरियाणा में पैर जमाने का मौका मिल चुका है.

First published: 22 September 2016, 7:43 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी