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सोनिया गांधी का कार्यकाल ख़त्म होने को, नई कमान किसे?

आकाश बिष्ट | Updated on: 30 October 2016, 9:28 IST
QUICK PILL
  • कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख़ नज़दीक आती जा रही है मगर राहुल की ताजपोशी नहीं होगी. 
  • पार्टी का मानना है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने से पहले कोई फेरबदल करना ठीक नहीं होगा. 

कांग्रेस में संगठन के चुनाव की समयसीमा खत्म होने वाली है. 31 दिसम्बर से पहले पार्टी को नया अध्यक्ष चुनना होगा. बहुत मुमकिन है कि पार्टी मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी का कार्यकाल बढ़ा दें. इससे पहले 8 सितम्बर 2015 को भी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीडब्लूसी के सदस्यों का कार्यकाल बढ़ा दिया गया था. 

सोनिया का कार्यकाल पूरा होने की तारीख़ करीब आते ही राहुल गांधी के नाम की सुगबुगाहट भी तेज़ हो गई है. कुछ समय के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आखिरकार पार्टी में अपनी मां का स्थान लेने के प्रबल दावेदार होंगे. राहुल की तरक्की को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया में हलचल है. मगर राहुल की पार्टी के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर अभी पार्टी में ही कुछ साफ नहीं है. 

पार्टी सूत्रों का कहना कि इस बार भी पार्टी अध्यक्ष और सीडब्लूसी के सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि पार्टी के बड़े नेता कुछ राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में व्यस्त हैं. पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में पार्टी आलाकमान चुनावों से पहले पार्टी कैडर में कोई भी बदलाव करने से बचेगा.

राहुल का उत्थान

ऐसी संभावना लगभग नहीं नज़र आती है कि राहुल गांधी सोनिया की जगह लेंगे. सोनिया गांधी के अध्यक्ष पद में एक और विस्तार की जरूर संभावना है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोनिया को कार्यकाल में विस्तार देना एक तकनीकी औपचारिकता मात्र है.

132 साल पुरानी पार्टी में सोनिया गांधी सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष पद पर बने रहने वाली पहली व्यक्ति हैं. बीमारी के बावजूद राहुल गांधी को सोनिया के अध्यक्ष पद छोड़ने तक अभी इंतजार करना होगा.

साल 2010 में जयपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक में सोनिया गांधी को अगले 5 साल के लिए पार्टी अध्यक्ष चुना गया था. 2015 में उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति ने एक साल का विस्तार और दे दिया. हालांकि अब यह अवधि भी इसी साल खत्म होने वाली है और पार्टी को संगठनात्मक चुनाव करने के लिए चुनाव आयोग को इत्तेला देनी होगी. 

कांग्रेस ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि यह चुनाव करवाएगी या 19 साल से चली आ रही परम्परा को कायम रखते हुए मौजूदा अध्यक्ष पद के कार्यकाल को विस्तार देगी.

सोनिया का कार्यकाल

1998 में पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद जयपुर में हुए पार्टी अधिवेशन में सोनिया गांधी का कार्यकाल पांच साल तक और बढ़ा दिया गया था. साथ ही, सीडब्लूसी ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि अध्यक्ष पद का कार्यकाल पांच से घटा कर 3 वर्ष कर दिया जाए'.

कमोबेश सीडब्लूसी सदस्यों के साथ भी यही बात है. इसके सदस्यों के कार्यकाल को भी बढ़ाए जाने की पूरी-पूरी संभावना है. सीडब्लूसी में पिछली बार चुनाव 1997 में हुए थे. उसके बाद से ही समिति के सारे सदस्यों को सोनिया गांधी ख़ुद नामांकित करती हैं. ऐसी संभावना कम ही है कि विधानसभा चुनावों से पहले इस स्थिति में कोई फेरबदल होगा.

मौजूदा सीडब्लूसी का गठन 2011 में हुआ था. इसके 12 सदस्यों का कार्यकाल तीन साल तक का तय कर दिया गया है. ये पार्टी की सबसे प्रभावी इकाई के सदस्य हैं. पार्टी संविधान के अनुसार, इन 12 सदस्यों का चयन एक चुनाव प्रक्रिया द्वारा होता है. 

इसमें 12 सदस्यों वाली सीडब्लूसी का गठन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और इतनी ही संख्या में पार्टी अध्यक्ष द्वारा नामित प्रतिनिधि करते हैं. ये नामांकित सदस्य समाज के वंचित वर्ग दलित, आदिवासी और महिलाओं के बीच में से चुने जाते हैं.

31 दिसबर से पहले एक बैठक में सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने की औपचारिकता पूरी की जाएगी

31 दिसम्बर को चुनाव आयोग को कांग्रेस को इसके बारे में इत्तेला करनी है. कांग्रेस पार्टी के एक शीर्ष कार्यकर्ता ने बताया कि सीडब्लूसी की बैठक इससे पहले हो जाएगी और राहुल विधानसभा चुनावों के बाद अध्यक्ष पद संभाल सकते हैं.

पार्टी की वरिष्ठ नेता अम्बिका सोनी ने हाल ही हिमाचल प्रदेश में एक सभा में कहा, राहुल गांधी जल्द ही पार्टी के अध्यक्ष होंगे. उन्होंने कहा 'हमें पता है कि राहुल गांधी जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे लेकिन मैं आपको इसे अधिक जानकारी नहीं दे सकती'.

बहरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल पार्टी में चुनाव का रास्ता अख्तियार करते हैं या नामांकन के जरिये चुने जाएंगे. वे काफी समय से पार्टी के भीतर चुनाव की बात करते आए हैं. दरअसल वे चाहते हैं कि एक ऐसा संगठन बने, जहां युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता बजाय नियुक्ति या नामांकन के सीधे चुन कर आएं. लेकिन सवाल यह है कि राहुल अगर चुनाव के जरिये अध्यक्ष बनना चाहते हैं तो उन्हें कौन रोक सकता है?

First published: 30 October 2016, 9:28 IST
 
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