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बंगाल चुनाव: रिया सरकार भारत की पहली ट्रांसजेंडर पीठासीन अधिकारी बनीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2016, 9:28 IST

पश्चिम बंगाल में चुनाव का पांचवां चरण ट्रांसजेंडर (किन्नर) समाज के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है. दक्षिण कोलकाता के एक पोलिंग बूथ पर ट्रांसजेंडर रिया सरकार को पीठासीन अधिकारी बनाया गया.

रिया सरकार रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलकत्ता अंतरराष्ट्रीय हाई स्कूल में मतदान केंद्र का संचालन करेंगी. 

इतिहास में नाम दर्ज

रिया सरकार दमदम स्थित बानी मंदिर ब्वायज स्कूल में इतिहास की शिक्षिका हैं. रिया सरकार का जन्म पंकज सरकार के रूप में हुआ था. लेकिन 2014 में उन्होंने लिंग-परिवर्तन सर्जरी करायी और रिया सरकार बन गईं.

दक्षिण कोलकाता की जिला निर्वाचन अधिकारी समिता पांडेय ने बताया, ‘‘हम इसे ट्रांसजेंडर बूथ कह रहे हैं क्योंकि एक ट्रांसजेंडर रिया सरकार को वहां की पीठीसीन अधिकारी बनाया गया है. ट्रांसजेंडर समुदाय के मुख्यधारा में शामिल होने की प्रक्रिया के इतिहास में उनका नाम दर्ज हो गया है.’

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मुख्य उपनिर्वाचन अधिकारी अमितज्योति भट्टाचार्य का कहना है कि समाज के हर तबके को चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. ‘‘बात जब हमारी आती है, तो यहां कहीं भी कोई भेदभाव नहीं है.’’

रिया का कहना है कि यह सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि पूरे किन्नर समुदाय के लिए सम्मान की बात है. निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव ड्यूटी में तैनात किए जाने से वे बहुत खुश और गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. 

चुनाव आयोग के कदम स्वागत

चुनाव ड्यूटी के लिए नाम चयन होने के बाद रिया को अन्य पीठीसीन अधिकारियों की भांति मतदान केन्द्र संभालने और अन्य चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है.

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बंगाल में ट्रांसजेंडर एसोसिएशन की अगुवाई करने वाली रंजीता सिन्हा ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया  है और कहा कि इससे हमारे समुदाय को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी.

पश्चिम बंगाल के 6.5 करोड़ मतदाताओं में से तीसरे लिंग से मतदाताओं की संख्या मात्र 758 है.

First published: 1 May 2016, 9:28 IST
 
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