Home » इंडिया » Bengaluru: Two Tejas aircrafts, that are 'Made in India', inducted in Indian Air Force
 

देश के पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' से लैस हुई वायुसेना

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2016, 14:02 IST

भारतीय वायुसेना के लिए आज गर्व का दिन है. देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है.

बेंगलुरु में शंख की गूंज के साथ देश में बने पहले लाइट कॉम्बैट लड़ाकू विमान तेजस को एयरफोर्स में शामिल किया गया. इन दो विमानों के बेड़े का नाम 'फ्लाइंग डैगर्स फोर्टी फाइव' है.

ये विमान 1350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आसमान का सीना चीर सकते हैं, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान को टक्कर देने की ताकत और हैसियत दोनों रखता है.

एचएएल ने किया निर्माण

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने इन फाइटर प्लेन का निर्माण किया है. इसके साथ ही स्वदेशी लड़ाकू विमान का हिंदुस्तान का सपना 30 साल की मेहनत के बाद पूरा हो गया है.

तेजस की क्षमताओं की तुलना फ्रांस में निर्मित 'मिराज 2000', अमेरिका के एफ-16 और स्वीडन के ग्रि‍पेन से की जाती है.

वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन चीफ एयर मार्शल जसबीर वालिया की मौजूदगी में एयरक्राफ्ट सिस्टम टेस्टिंग एस्टेबलिशमेंट (एएसटीई) में एलसीए स्क्वाड्रन को शामिल किया गया.

दो साल बेंगलुरु में स्कवाड्रन

इस समारोह में वायुसेना में तेजस को शामिल  करने से पहले पूजा-पाठ की गई. पहले दो साल यह स्क्वाड्रन बेंगलुरु में ही रहेगा. बताया जा रहा है कि दो साल बाद इसे तमिलनाडु के सुलूर भेजा जाएगा.

17 मई को तेजस में अपनी पहली उड़ान भरने वाले एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने विमान को बल में शामिल करने के लिए अच्छा बताया था.

इस बीच वायुसेना ने कहा है कि इस वित्तीय वर्ष में कुल छह विमान और अगले वित्तीय वर्ष में करीब आठ विमान शामिल करने की योजना है.

तेजस अगले साल वायुसेना के फाइटर स्क्वाड्रन में नजर आएगा और इसे फ्रंटफुट वाले एयरबेस पर भी तैनात किया जाएगा. तेजस के सभी स्क्वाड्रन में कुल 20 विमान शामिल किए जाएंगे, जिसमें चार आरक्षित रहेंगे.

क्या है तेजस की खासियत?

  • तेजस क्षमता के मामले में कई मायनों में फ्रांस में निर्मित मिराज 2000 के जैसा है,
  • हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड ने इस कार्यक्रम के लिए मिराज को बेंचमार्क माना था.
  • उम्दा फ्लाइट कंट्रोल सिस्‍टम, चाहे कलाबाजी में कुशलता हो या कंट्रोल सिस्‍टम की तत्परता.
  • टेस्ट फ्लाइट के दौरान दुर्घटना रहित, किसी भी पायलट को कभी कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ा है.
  • अब तक इसकी 3000 से ज्‍यादा उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं.
  • तेजस की इजेक्‍शन सीट ब्रिटिश है, साथ ही इसके कई अन्‍य कलपुर्जे आयात किए गए हैं.
  • एचएएल के मुताबिक फ्रांस के रफाल और स्‍वीडन के ग्रिपन जैसे विमानों में भी विदेशी सिस्‍टम लगे हैं.
  • एचएएल का कहना है कि कड़ी प्रतिस्‍पर्धा में कलपुर्जों का विकास करना बहुत ही महंगा है.
  • तेजस में लगा फ्लाइ-बाइ-वायर सिस्‍टम नियंत्रिण के लिए कंप्‍यूटर नियंत्रित इनपुट देता है.
  • विमान में लगा मिशन कंप्‍यूटर, सेंसर से मिलने वाले डेटा को प्रॉसेस करता है.
  • मिशन कंप्‍यूटर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर भविष्‍य में अपग्रेड किया जा सकता है.
  • विमान का ढांचा कार्बन फाइबर से ज्यादा हल्का और मजबूत है.
  • विमान के सामान्‍य सिस्‍टम जैसे ईंधन प्रबंधन और स्‍टीयरिंग देश में निर्मित हैं.
  • एक महत्‍वपूर्ण सेंसर तरंग रडार, दुश्‍मन की दागी मिसाइल के बारे में सूचना देता है. 
First published: 1 July 2016, 14:02 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी