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बेनी प्रसाद वर्मा: गांधी की हत्या के बाद संघ मुख्यालय में बंटी थी मिठाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 September 2016, 16:01 IST
(पीटीआई)

समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर आरोप लगाया है कि 30 जनवरी 1948 को जिस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या हुई थी. उस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय पर मिठाई बांटी गयी थी.

वर्मा ने बाराबंकी के बारादरी गांव में शुक्रवार की रात हुए ट्राइसाइकिल वितरण कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "जब महात्मा गांधी की हत्या की गयी, उसके (संघ के) कार्यकर्ताओं को पहले ही बता दिया गया था कि रेडियो खोलकर रखना, अच्छी खबर मिलेगी."

उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ मुख्यालय पर मिठाई बांटी गयी थी और तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल को उस पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था."

वर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस ने तब एक ऐसे संघ कार्यकर्ता को पकड़ा था जिसे यह कहकर रेडियो खुला रखने को कहा गया था कि अच्छी खबर मिल सकती है. 75 वर्षीय वर्मा ने जेल में बंद रहे संघ नेता गोलवलकर और पटेल के बीच हुए कथित पत्र व्यवहार के हवाले से यह भी कहा कि पटेल ने संघ मुख्यालय पर मिठाई बांटे जाने को उनके खिलाफ सबसे मजबूत साक्ष्य बताया था.

हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर सपा में वापस लौटे वर्मा ने कहा कि आज राहुल गांधी के खिलाफ इस मुद्दे पर मुकदमा चल रहा है. उन्होंने कहा कि संघ के लोग ऐसी हरकतों में लिप्त होते हैं, जिनका साक्ष्य आसानी से नहीं हासिल किया जा सकता.

संघ के नेता मनमोहन वैद्य ने हाल ही में राहुल से कहा था कि वह अपने इस दावे की पुष्टि के लिए साक्ष्य दें कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए उनका संघ जिम्मेदार था. वैद्य ने कहा कि मामले पर फैसला राहुल नहीं बल्कि अदालत करेगी. जब संघ कार्यकर्ता ने उन्हें अदालत में चुनौती दे दी तो राहुल भाग रहे हैं.

यदि राहुल के पास साक्ष्य है तो अदालत में रखें. उन्होंने कहा कि संघ का महात्मा गांधी की हत्या से कोई लेना देना नहीं है और हत्या मामले के आरोपपत्र में संघ का जिक्र नहीं है. यहां तक कि आरोपी ने भी संघ का नाम नहीं लिया.

राहुल ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय में कहा था कि वह संघ के खिलाफ अपने बयान पर कायम हैं और महाराष्ट्र की अदालत के समक्ष मुकदमे का सामना करने को तैयार हैं. वर्मा ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि देश में 20 करोड़ मुसलमान हैं और यदि उनके साथ कुछ गलत हुआ तो देश में कश्मीर जैसे हालात पैदा हो जाएंगे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ईमानदार बताते हुए उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की ही तरह पार्टी में भ्रष्टाचार को लेकर चिन्ता जतायी.

वर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह खुद इसे लेकर चिंतित हैं और अकसर कहते हैं कि चुनाव पैसे से नहीं जीता जाता. जनता ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकारों को उखाड़ फेंका है. उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की और कहा कि मोदी आजकल अडानी का कर्ज माफ कर रहे हैं. भाजपा और अन्य दलों में यही फर्क है.

First published: 11 September 2016, 16:01 IST
 
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