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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का 56 फीसदी बजट मोदी सरकार ने पब्लिसिटी में उड़ा दिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 January 2019, 15:24 IST

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' योजना के कुल फंड में से 56% फीसदी से अधिक धनराशि 2014-15 के बाद मीडिया से संबंधित गतिविधियों (प्रचार) के लिए आवंटित की गई है. एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी से पता चला है कि इस बजट में से 25 फीसदी से कम राज्यों और जिलों को वितरित की गई है. जनवरी 2015 में शुरू की गई इस योजना के तहत भारत में गिरते बाल-लिंगानुपात और महिला सशक्तीकरण के अन्य मुद्दों पर ध्यान देने का प्रयास करती है.

केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री वीरेंद्र कुमार ने 4 जनवरी को लोकसभा को बताया कि सरकार ने पिछले पांच वर्षों में कार्यक्रम के लिए 648 करोड़ रुपये आवंटित किए थे और विज्ञापन पर 56.27 फीसदी या 364.66 करोड़ रुपये खर्च किए. केवल 24.5 फीसदी  या 159.18 करोड़ रुपये, राज्यों और जिलों में वितरित किए गए.

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र ने 2018-19 में योजना के लिए 280 करोड़ रुपये रखे थे, जिसमें से 155.71 करोड़ रुपये विज्ञापन के लिए और 70.63 करोड़ रुपये राज्यों और जिलों को वितरित किए गए थे. सरकार 53.66 करोड़ रुपये या 19 फीसदी से अधिक धनराशि जारी करने में विफल रही थी.

मंत्री सांसद कपिल पाटिल और भारतीय जनता पार्टी के शिवकुमार उदासी, कांग्रेस की सुष्मिता देव, तेलंगाना राष्ट्र समिति के गुटखा सुकेंदर रेड्डी और शिवसेना के संजय जाधव के एक सवाल का जवाब दे रहे थे. कुमार ने कहा 2018-'19 के बाद से, देश के सभी 640 जिलों (जनगणना 2011 के अनुसार) को बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना के तहत कवर किया गया है''.

First published: 22 January 2019, 12:10 IST
 
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