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हिन्दुस्तान ही नहीं पाकिस्तान में भी हैं भगत सिंह के दीवाने, उनके नाम पर है पाक की ये मशहूर जगह

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 September 2018, 13:14 IST

भगत सिंह जयंती पर  पूरा देश आजादी के इस महान क्रांतिकारी को याद कर रहा है. भगत सिंह की शख्सियत किसी परिचय की मोहताज नहीं है. जब भीं कहीं देश प्रेम की बात आती है तो भगत सिंह का नाम युवाओं की जुबान पर सबसे पहले आता है. भगत सिंह को चाहने वाले केवल हिन्दुस्तान में ही नहीं पाकिस्तान में भी हैं. यहां तक की पाकिस्तान की सरकार ने भी भगत सिंह को महान क्रांतिकारी मानते हुए मशहूर शादमान चौक का नाम भगत सिंह के नाम पर रख दिया है. इसी से पता चलता है कि भगत सिंह केवल हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी लोकप्रिय हैं.

पाकिस्तान की कोर्ट ने शहीद भगत सिंह के नाम पर चौक रखने के प्रस्ताव को मुहर लगाई थी. गौरतलब है कि पाकिस्तान की कोर्ट ने लाहौर जिला सरकार को ये आदेश दिया था कि शादमान चौक का नाम बदल कर शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाए.
गौरतलब है की शादमान चौक से भगत सिंह की फांसी की कहानी जुड़ी हुई है. ब्रिटिश सरकार ने 87 साल पहले भारत की स्वतंत्रता के लिए अपनी जान पर खेलने वाले भगत सिंह को राजगुरू और सुखदेव के साथ इसी जगह पर फांसी दी थी. 23 मार्च 1931 को स्वतंत्रा सेनानी को इसी जगह फांसी दी गई थी.

 

पाकिस्तान में ये याचिका भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने दायर की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए पाकिस्तान की कोर्ट ने लाहौर के उपायुक्त को आदेश दिया कि वह कानून के दायरे में रहते हुए शादमान चौक का नाम बदलकर भगत सिंह के नाम पर रखने के संबंध में फैसला करें.

याचिकाकर्ता ने दलील दी की भगत सिंह एक महान स्वतंत्रा सेनानी हैं जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ अपनी जान की परवाह नहीं की. और याचिका में ये दलील भी दी गई है कि पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने भी भगत सिंह की बहादुरी की तारीफ़ करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी थी.

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सर्वोच्च वीरता पुरस्कार निशान ए हैदर देने की मांग

इतना ही नहीं महज 23 साल की उम्र में वतन के लिए जान न्योछावर कर देने वाले भगत सिंह का नाम पाकिस्तान में भी सर्वोच्च वीरता पदक के लिए प्रस्तावित किया गया था. ये मांग उठाने वाला संगठन अदालत में स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित करने के लिए काम करता है.

याचिका में कहा गया था, ‘‘पाकिस्तान के संस्थापक कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने स्वतंत्रता सेनानी को यह कहते हुए श्रद्धांजलि दी थी कि उपमहाद्वीप में उनके जैसा कोई वीर व्यक्ति नहीं हुआ है.’’ संगठन ने कहा, ‘‘भगत सिंह हमारे नायक हैं और वह मेजर अजीज भट्टी की तरह ही सर्वोच्च वीरता पुरस्कार (निशान ए हैदर) पाने के हकदार हैं जिन्होंने भगत सिंह की वीरता पर लिखा था और उन्हें हमारा नायक तथा आदर्श घोषित किया था.’’

 

 

First published: 27 September 2018, 11:54 IST
 
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