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Bharat Bandh: SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर सवर्णों का भारत बंद, जगह-जगह धारा 144 लागू

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 10:40 IST

Bharat Bandh: SC/ST एक्ट में मोदी सरकार द्वारा संशोधन को लेकर आज (6 सितंबर) देश में सवर्णों के करीब 35 संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है. सवर्णों को केंद्र सरकार के फैसले पर आपत्ति है. इस बंद का असल देश के अलग-अलग राज्यों में दिखने लगा है. बिहार के आरा में आरा रेलवे स्टेशन के पास सवर्णों ने लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस रोक दिया है. लोगों का कहना है कि SC/ST कानून में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो इससे भी बड़ा आंदोलन होगा.

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश और बिहार में देखने को मिल रहा है. मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है. वहीं 18 जिलों में धारा 144 लागू की गई है. राजस्थान में भी बंद को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है. वहीं उत्तर प्रदेश प्रशासन ने एहतियाती तौर पर कदम उठाए हैं.

मध्यप्रदेश के भिंड, ग्वालियर,शिवपुरी, अशोक नगर, मोरेना, दतिया, श्योपुर, छत्तरपुर, सागर और नरसिंहपुर में धारा 144 लागू की गई है. यहां पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. सीबीएसई और एमपी शिक्षा मंडल ने छुट्टी का ऐलान किया है. मध्यप्रदेश में पुलिस की 34 अतिरिक्त बटालियन तैनात की गई है. आश्चर्य करने वाली बात है कि बिहार के मोकामा में लोग बीजेपी का झंडा लेकर आंदोलन कर रहे हैं. 

क्यों है भारत बंद?

बता दें कि 20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में बड़ा बदलाव करने की बात कही थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस एक्ट के तहत नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मंजूरी लेनी होगी. इसके अलावा एक पुलिस उपाधीक्षक यह जानने के लिए प्रांरभिक जांच कर सकता है कि मामला इस अधिनियम के अंतर्गत आता है या नहीं.

इसके बाद मोदी सरकार पर आरोप लगाए थे की सरकार ने कोर्ट में दलील ठीक ढ़ंग से नहीं रखी जिसकी वजह से कानून कमजोर हुआ. दलितों ने कहा था कि इससे दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ेंगे. फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दो अप्रैल को दलितों ने भारत बंद बुलाया था. दलितों के भारत बंद के दौरान देशभर में जमकर हिंसा हुई थी और दस से ज्यादा लोग मारे गए थे.

बीजेपी के अनुसूचित जाति और जनजाति के सांसदों ने भी विरोध में आवाज उठाई थी और अपनी ही सरकार से अध्यादेश लाकर कानून को पूर्ववत लागू करनी की बात कही थी. जिसके बाद मोदी सरकार ने एससी/एसटी एक्ट को पूर्ववत लागू करने के लिए संसोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास कराया था. अब इसी के विरोध में सवर्णों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है.

First published: 6 September 2018, 8:54 IST
 
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