Home » इंडिया » Bharat biotech CMD tells foreign ambassadors - 33% of world vaccine produced in Hyderabad
 

विदेशी राजदूतों को भारत बायोटेक के CMD ने दी जानकारी - हैदराबाद में बनी दुनिया की 33 फीसदी वैक्सीन

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 December 2020, 15:56 IST

विभिन्न देशों के 64 विदेशी राजनयिक हैदराबाद में दो प्रमुख बायोटेक कंपनियों का दौरा कर रहे हैं जो कोरोना वायरस के खिलाफ टीके विकसित कर रहे हैं. भारत बायोटेक (Bharat Biotech) के चेयरमैन और एमडी कृष्णा एला (MD Krishna Ella) ने राजदूतों और उच्चायुक्तों के लिए एक प्रेजेंटेशन बनाया था, इसमें कहा गया था कि 33 फीसदी वैश्विक वैक्सीन जीनोम वैली (Genome Valley) में निर्मित हैं. 64 विदेशी मिशनों के प्रमुखों की एक टीम ने हैदराबाद के भारत बायोटेक का दौरा किया, यहां कोरोना वायरस की वैक्सीन, कोवैक्सीन तैयार की जा रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई ने भारत बायोटेक के चेयरमैन और एमडी के हवाले से कहा "पीएम मोदी ने कहा कि मानवता के लिए टीके उपलब्ध होंगे, उद्योग को अपना सपना साकार होता दिखाई देगा. "कृष्णा एला ने यह भी कहा कि हैदराबाद में सबसे बड़ी एफडीए द्वारा स्वीकृत वैक्सीन सुविधाएं हैं. राजदूत और उच्चायुक्त अभी हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक में हैं, जिसके बाद वह बायोलॉजिकल ई लिमिटेड का दौरा करेंगे.


कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को लेकर दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हुई हैं. भारत को दुनिया का सब बड़ा वैक्सीन निर्माता कहा जाता है. इस बीच भारत का केंद्रीय ड्रग रेगुलेटर फाइजर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के आवेदनों की समीक्षा करेगा, जिन्होंने अपने कोविड -19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए प्राधिकरण की मांग की है.

अमेरिकी दवा दिग्गज फाइजर की भारतीय शाखा ने 4 दिसंबर को अपने टीके के लिए मंजूरी मांगी थी. 6 दिसंबर को पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपने ऑक्सफोर्ड कोविड -19 वैक्सीन के लिए अनुमति मांगी थी. इसके बाद भारत बायोटेक ने 7 दिसंबर को इसके लिए आवेदन किया था.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस संकट से लड़ने में सभी मानवता की मदद करने के लिए टीके के उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने अहमदाबाद में Zydus Biotech Park, हैदराबाद में Bharat Biotech और 28 नवंबर को पुणे में Serum Institute of India में वैक्सीन विकास और विनिर्माण प्रक्रिया की समीक्षा करने के लिए दौरा किया था.

30 नवंबर को पीएम ने Gennova Biopharmaceuticals Ltd पुणे, बायोलॉजिकल ई लिमिटेड हैदराबाद और डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज लिमिटेड हैदराबाद की टीमों के साथ वर्चुअल बैठकें कीं. तीनों टीमें COVID-19 के टीके के विकास और निर्माण पर काम कर रही हैं. भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है और COVID-19 महामारी के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

Coronavirus Vaccine : कोविड टीके की तलाश में 60 से ज्यादा देशों के राजदूत पहुंचे भारत, करेंगे इन कंपनियों का दौरा

First published: 9 December 2020, 15:56 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी