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योग गुरु रामदेव ने बोला सरकार पर तीखा हमला, कहा- भारत में हिंदू होना गुनाह है?

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 January 2019, 16:13 IST

योग गुरु स्वामी रामदेव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ''भारत रत्न'' को लेकर स्वामी रामदेव ने आरोप लगाते हुए कहा कि मदर टेरेसा को इसलिए यह पुरस्कार दिया गया क्योंकि वह ईसाई थीं लेकिन सन्यासियों को अब तक यह सम्मान नहीं दिया गया क्योंकि वे हिन्दू हैं इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत में हिंदू होना गुनाह है?

योग गुरु ने कहा कि पिछले 70 साल में एक भी संन्यासी को भारत रत्न प्रदान नहीं किया गया जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद या शिवकुमार स्वामी ही क्यों न हों, देश निर्माण में बड़ा योगदान देने वाले इन संन्यासियों को भी भारत रत्न मिलना चाहिए था. रामदेव ने कहा, ''महर्षि दयानंद और स्वामी विवेकानंद का योगदान राजनेताओं या कलाकारों से कम है? आज तक एक भी संन्यासी को भारत रत्न क्यों नहीं मिला? मदर टेरेसा को दे सकते हैं क्योंकि वह ईसाई हैं, लेकिन संन्यासियों को नहीं क्योंकि वे हिंदू हैं, इस देश में हिंदू होना गुनाह है क्या?''

गौरतलब है कि 26 जनवरी को यानि शनिवार को भी देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी ने कहा था कि, ''पिछले 70 सालों में किसी भी संन्यासी को भारत रत्न नहीं मिला है. कई संन्यासी ऐसे हैं, जिन्होंने भारत रत्न पाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसी भी संन्यासी को आज तक भारत रत्न से गौरवान्वित नहीं किया गया है.''

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 70 वर्षों में, एक भी संन्यासी को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया, चाहे वह महर्षि दयानंद सरस्वती हों या स्वामी विवेकानंद, शिवकुमार स्वामी जी. इन सभी संतों ने, जिन्होंने इतना योगदान दिया है, क्या उन्हें भी भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए.

 

First published: 27 January 2019, 16:13 IST
 
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