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'शिवराज सरकार की वजह से भय्यूजी महाराज ने किया सुसाइड, चुप रहने के लिए दिया था मंत्री पद'

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2018, 11:33 IST

बहुचर्चित आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता भय्यूजी महाराज ने मंगलवार 12 जून को खुद को गोली मार ली थी. उन्हें घायल अवस्था में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी. पिछले साल भय्यूजी महाराज तब ज्यादा सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी.

हालांकि अभी पता नहीं चल पाया है कि भय्यूजी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया. लेकिन अब इस पर राजनीति शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के लिए शिवराज सरकार को वजह बताया है. 

 

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि भय्यूजी महाराज शिवराज सरकार द्वारा नर्मदा में करवाए जा रहे अवैध खनन के लेकर चिंतित थे. इसे लेकर शिवराज सिंह ने भय्यूजी महाराज को अपना मुंह बंद रखने के लिए मंत्री पद भी ऑफर किया था. दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था और उन्होंने खुद मुझे कॉल पर इस बारे में बताया था.

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बता दें कि भय्यूजी राजनीति में गहरी पैठ रखते थे. शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था. हालांकि उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने कहा था कि संतों के लिए पद का महत्व नहीं होता.

उनका असली नाम उदयसिंह देशमुख था और उनके पिता महाराष्ट्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं. वह संघ के करीबी माने जाते थे. सबसे पहले उनका नाम तब चर्चा में आया था, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे को मनाने के लिए यूपीए सरकार ने उनसे संपर्क किया था.

First published: 13 June 2018, 11:33 IST
 
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