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भीमा कोरेगांव केस: सुप्रीम कोर्ट ने पांचों कार्यकर्ताओं का हाउस अरेस्ट 12 सितंबर तक बढ़ाया, पुणे पुलिस को लगाई फटकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 14:29 IST

सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव केस में गिरफ्तार पांचों कार्यकर्ताओं का हाउस अरेस्ट 12 सितंबर तक बढ़ा दिया है. कोर्ट इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते 12 सितंबर को होगी. तब तक ये सभी लोग अपने घर में नजरबंद रहेंगे. गौरतलब है कि मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस ने ऐक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, अरुण फरेरा, तेलुगू कवि वरवरा राव और वेरनॉन गोन्साल्वेज को गिरफ्तार किया था.

इसके एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र पुलिस को आदेश दिया था कि इन लोगों को इनके घर में नजरबंद रखा जाया. इसके साथ ही कोर्ट  ने 6 सितंबर तक पांचों लोगों को जेल नहीं भेजने के आदेश दिए थे. गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इनका हाउस अरेस्ट 12 सितंबर तक बढ़ा दिया.

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चंद्रचूड़ ने पुणे पुलिस को फटकारते हुए कहा कि पुलिस ने कैसे कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि पुलिस में प्रेस में साक्ष्य दिखाकर सुप्रीम कोर्ट को गलत साबित करने की कोशिश न करे.  कोर्ट ने सरकारी वकील से कहा, "पुलिस को ऐहतियात बरतना चाहिएय हम इस मामले में बेहद गंभीर हैं." 

गौरतलब है कि नक्सल कनेक्शन मामले में गिरफ्तार किये एक्टिविस्ट्स को लेकर 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "असंतोष लोकतंत्र की सुरक्षा वाल्व की तरह है. अदालत में कहा कि अगर असंतोष की अनुमति नहीं है तो दबाव बाहर फूटना लाजमी है."

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First published: 6 September 2018, 14:09 IST
 
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