Home » इंडिया » Bhima Koregaon Violence Case: Now NIA raid at house of DU professor Hany Babu
 

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में हुई थी DU प्रोफेसर हनी बाबू की गिरफ्तारी, अब घर पर NIA की छापेमारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 August 2020, 16:41 IST

Bhima Koregaon: भीमा कोरेगांव हिंसा मामले को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हनी बाबू गिरफ्तार किए गए थे. इसके बाद आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उनके फ्लैट पर छापेमारी की. हनी बाबू को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में एनआईए ने 28 जुलाई को गिरफ्तार किया था. वह 4 अगस्त तक की एनआईए की हिरासत में हैं.

आज एनआईए की टीम हनी बाबू के नोएडा के सेक्टर 78 स्थित फ्लैड में छापेमारी के लिए पहुंची. 54 वर्षीय हनी बाबू मुसालियरवीट्टिल थारियाल गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में रहते हैं. वह दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी भाषा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं.

मामला 31 दिसंबर 2017 का है, जब पुणे के शनिवार वाडा में कबीर कला मंच ने एक एल्गार परिषद का कार्यक्रम आयोजित किया था. एनआईए का आरोप है कि उस कार्यक्रम में हनी बाबू ने कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिया था. एनआईए का आरोप है कि उनके भड़काऊ भाषण की वजह से जातीय वैमनस्य बढ़ा. इसके बाद हिंसा पनपी थी.

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इस हिंसा की चपेट में पूरा महाराष्ट्र आ गया था. तब पूरे महाराष्ट्र में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. जिसमें जानमाल की क्षति हुई थी. NIAके अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान खुलासे में सामने आया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेताओं ने एल्गार परिषद के आयोजकों तथा मामले में गिरफ्तार आरोपियों से गैर कानूनी गतिविधि (निषेध) कानून के तहत संपर्क किया था.

एनआईए का कहना है कि इन सबका मकसद माओवाद/नक्सलवाद की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना था. पुणे पुलिस ने मामले में आरोप पत्र तथा पूरक आरोप पत्र 15 नवंबर 2018 और 21 फरवरी 2019 को दाखिल किया था.

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First published: 2 August 2020, 16:31 IST
 
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