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महाराष्ट्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा- वामपंथी विचारक रच रहे थे अराजकता की साजिश

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2018, 14:43 IST
(File Photo )

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में हुई पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है. इसमें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए पांचों वामपंथी विचारकों के खिलाफ सबूत मिले हैं. ये सभी लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सक्रिय सदस्य हैं. राज्य सरकार ने पांचों गिरफ्तारियों को सही ठहराया है.

मीडिया खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि सभी 5 कार्यकर्ता समाज में अराजकता पैदा करने की योजना बना रहे थे. वे हिंसा को उजागर करने के लिए भयानक डिजाइन का हिस्सा हैं. राज्य सरकार ने कहा है कि ये गिरफ्तारियां विरोध के कारण नहीं की गई है. महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि उसके पास इन पांचों कार्यकर्ता के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं. उनके आधार पर ही इनको गिरफ्तार किया गया है.

महाराष्ट्र पुलिस अभी भी इन पांचों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रही है. राज्य सरकार ने कहा है कि ये लोग भले ही घरों में नजरबंद हैं, लेकिन वे अभी भी सबूतों को मिटा सकते हैं. इसके साथ ही दूसरे आरोपी भी सतर्क हो जाएंगे. अगर इन लोगों को हिरासत में लेने की मंजूरी मिल सकती है तो अन्य आरोपियों के बारे में भी पता लगाया जा सकता है.'

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार पांचों वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था. सर्वोच्च अदालत ने 5 सितंबर तक राज्य सरकार से हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 6 सितंबर को करेगा. फिलहाल कोर्ट के आदेश पर पांचों वामपंथी विचारक सुधा भारद्वाज, वरवरा राव, गौतम नवलखा, अरुण फेरेरा और वेरनॉन गोंजाल्विस हाउस अरेस्ट रखा गया है.

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First published: 5 September 2018, 14:41 IST
 
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