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भीमा कोरेगांव हिंसा: SC में टली सुनवाई, अगले सोमवार तक नजरबंद ही रखे जाएंगे पांचों वामपंथी विचारक

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 September 2018, 13:14 IST
(File Photo)

भीमा कोरेगांव केस में गिरफ्तार किए गए 5 वामपंथी विचारकों को राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में होने वाली सुनवाई आज टल गयी है. इस मामले में अब पांचों वामपंथी विचारकों को अगले सोमवार तक नजरबन्द ही रहना होगा. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अलगी सुनवाई 17 सितंबर को करेगा.

इस ममम्ले में वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर का कहना है कि 25 सालों के अनुभवी गिरफ्तार सुरेंद्र गडलिंग खुद अदालत में अपना पक्ष रखना चाहते हैं. लेकिन अदालत में उन्हें इस बात की इजाजत नहीं दी गई. गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में छापे मार कर पुलिस ने 5 वामपंथी विचारकों- सुधा भारद्वाज, वरवरा राव, गौतम नवलखा, अरुण फेरेरा और वेरनॉन गोंजाल्विस को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें हाउस अरेस्ट में रखा गया था.

वहीं दूसरी ओर इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है. जनवरी में महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा को एक योजना के तहत अंजाम दिया गया था. इस बात का दावा पुणे के डिप्टी मेयर की अगुवाई में बनी कमेटी ने किया. रिपोर्ट की मानें तो इस योजना को दक्षिणपंथी कार्यकर्ता संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे ने मुख्य रूप से बनाया था.

गौरतलब है कि इस मामले में हुई पांच गिरफ्तारियों से मामला सियासी गलियारों की हलचाल भी बन गया था. इस मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया था. इस समिति की अगुवाई डिप्टी-मेयर सिद्धार्थ ढेंडे ने की. मंगलवार को इस समिति ने अपनी रिपोर्ट मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस को सौंप दी.

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में जांच के लिए एक दो सदस्यीय न्यायिक आयोग का भी गठन किया है. इसके अलावा कई स्वतंत्रा कमेटियां भी इस मामले कली जांच में लगी हुई हैं. इसी तरह की एक कमेटी को सिद्धार्थ ढेंडे की देखरेख में बनाया गया था.

भीमा कोरेगांव हिंसा: योजना बनाकर संभाजी और मिलिंद ने दिया था घटना को अंजाम!

First published: 12 September 2018, 13:14 IST
 
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