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कमिश्नर ने मुख्य सचिव को सौंपी रिपोर्ट: BHU हिंसा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 September 2017, 10:41 IST

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शनिवार रात को छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में बनारस के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंप दी. इस रिपोर्ट में उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है. इस बीच बीएयचू प्रशासन ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है. 

 

शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव कुमार को भेज दी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत को संवेदनशील तरीके से हैंडल नहीं किया और वक्त रहते इसका समाधान नहीं किया गया.

 

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर वक्त रहते इस मामले को सुलझा लिया गया होता तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता. रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दोष प्रशासन का ही है, वह चाहते तो यह मामला आराम से निपट सकता था.

इस बीच, बीएचयू के कुलपति प्रो़ गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा है कि परिसर में छात्राओं पर लाठीचार्ज नहीं हुआ. कार्रवाई उन पर की गई जो विश्वविद्यालय की संपत्ति को आग लगा रहे थे, पेट्रोल बम फेंक रहे थे और पत्थरबाजी कर रहे थे. किसी भी छात्रा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसका एक भी प्रमाण नहीं है.

इस बीच, बीएचयू प्रशासन ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी. के. दीक्षित की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है.

गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है. कहा जा रहा है कि कुलपति प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है.

First published: 26 September 2017, 10:41 IST
 
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