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बीएचयू के कुलपति का छात्राओं पर लाठीचार्ज से इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 September 2017, 11:21 IST

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 23 सितंबर की रात छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज मामले में यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने बड़ा बयान दिया है. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा है कि बीएचयू परिसर में छात्राओं पर कोई भी लाठीचार्ज नहीं हुआ है.

कुलपति गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि, कार्रवाई उन लोगों पर की गई जो विश्वविद्यालय की संपत्ति को आग लगा रहे थे, पेट्रोल बम फेंक रहे थे और पत्थरबाजी कर रहे थे. किसी भी छात्रा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसका एक भी सबूत सामने नहीं आया है.

कुलपति ने आगे कहा, "23 सितम्बर की रात को लगभग 8.30 बजे जब मैं छात्राओं से मिलने त्रिवेणी छात्रावास जा रहा था उस समय अराजक तत्वों ने मुझे रोक कर आगजनी एवं पत्थरबाजी शुरू कर दी."

कुलपति ने कहा कि पीड़ित छात्रा और उसकी सहेलियों के साथ उन्होंने दो बार मुलाकात की. छात्राओं ने उन्हें बताया था कि धरने का संचालन खतरनाक किस्म के अपरिचित लोग कर रहे हैं. उन लोगों ने पीड़ित छात्रा को धरना स्थल पर बंधक बना कर जबरन बिठाए रखा था. पुलिस ने ऐसे तत्वों को कैंपस से बाहर करने के लिये ही बल प्रयोग किया. 

वहीं दूसरी तरफ बीएचयू प्रशासन ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी. के. दीक्षित की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है.

वहीं इससे इतर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शनिवार रात को छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में बनारस के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंप दी. इस रिपोर्ट में उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है. इस बीच बीएयचू प्रशासन ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है. 

गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है. कहा जा रहा है कि कुलपति प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी को छुट्टी पर भेजा जा सकता है.

First published: 26 September 2017, 11:21 IST
 
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